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MAMATA Scheme

MAMATA Scheme

ମମତା ଯୋଜନା
🤰 Maternity Benefit● Active

ओडिशा सरकार की एक प्रमुख मातृत्व लाभ योजना जिसके तहत असंगठित क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दो किस्तों में कुल ₹5,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।

💰 Benefit
₹5,000 / installments
🎂 Age
19+ years
👥 Gender
Female
📅 Launched
19 Sept 2011

📋 Quick Facts

Regions
Odisha
Type
🤰 Maternity Benefit
Status
Active
Ministry
Ministry of Women and Child Development
Benefit
₹5,000 / Installments
Age
19+ years
Gender
Female
Launched
19 Sept 2011
Apply Via
Offline

📄About This Scheme

ममता योजना ओडिशा सरकार द्वारा 19 सितंबर 2011 को शुरू की गई एक प्रमुख सशर्त नकद हस्तांतरण मातृत्व लाभ योजना है, जिसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाता है [citation:3][citation:6]।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आंशिक मजदूरी मुआवजा प्रदान करना है, जिससे वे गर्भावस्था और प्रसव के दौरान पर्याप्त आराम कर सकें और पोषण युक्त आहार ले सकें [citation:3][citation:6]। यह योजना मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं और उनके शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने में योगदान देने के लिए डिज़ाइन की गई है [citation:3]।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹2,000 गर्भावस्था के दौरान और ₹3,000 प्रसव के बाद टीकाकरण पूरा होने पर, कुल ₹5,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है [citation:1][citation:6]। यह राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाती है [citation:3]।

✅Eligibility Criteria

📊 Eligibility at a Glance
Age
19+ years
Gender
Female
Beneficiary
Pregnant Women, Women, BPL Families
Disability
Not Required

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं [citation:1][citation:3][citation:6]:

  • निवास: आवेदिका ओडिशा राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • आयु: महिला की आयु 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • क्षेत्र: असंगठित क्षेत्र की गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला।
  • संतान: योजना का लाभ केवल पहले दो जीवित बच्चों के लिए उपलब्ध है।
  • पंजीकरण: गर्भावस्था के पहले तिमाही में नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • बैंक खाता: महिला के पास आधार-लिंक बैंक खाता होना चाहिए।
  • अपात्र: सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारी और उनकी पत्नियां इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, जो महिलाएं किसी अन्य केंद्रीय मातृत्व लाभ योजना (जैसे ESIC) के तहत कवर हैं, वे भी पात्र नहीं हैं।

💰Benefits

Type
Cash Transfer
Amount
₹5,000
Frequency
Installments
Installments
2
Payment Method
Bank Transfer (DBT)

इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं [citation:1][citation:6]:

  • कुल वित्तीय सहायता: ₹5,000 दो किस्तों में।
  • पहली किस्त: ₹2,000 गर्भावस्था के दौरान (गर्भावस्था के छठे महीने के बाद)।
  • दूसरी किस्त: ₹3,000 प्रसव के बाद, जब बच्चे का टीकाकरण पूरा हो जाए (लगभग 10 महीने की आयु पर)।
  • भुगतान विधि: राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है [citation:3]।

महत्वपूर्ण: दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए संस्थागत प्रसव, बच्चे का जन्म पंजीकरण, और निर्धारित टीकाकरण (BCG, OPV, पेंटावेलेंट-1) पूरा होना अनिवार्य है [citation:6]।

📋Documents Required

योजना में पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है [citation:6]:

  • आधार कार्ड (गर्भवती महिला का)
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक, महिला के नाम पर)
  • माता एवं शिशु संरक्षण (MCP) कार्ड
  • राशन कार्ड या बीपीएल प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण (वोटर आईडी या कोई पता दस्तावेज)
  • आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, आधार, या स्कूल प्रमाण पत्र)
  • एएनसी पंजीकरण पर्ची (स्वास्थ्य केंद्र से)
  • पासपोर्ट साइज फोटो (2 प्रतियां)

📝How to Apply

📱 Application Mode
Offline

योजना के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित है [citation:1][citation:6]:

  1. आंगनबाड़ी केंद्र पर जाएं: गर्भावस्था की पुष्टि होने पर जल्द से जल्द (पहली तिमाही में) अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र (AWC) पर जाएं।
  2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिलें: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW) को गर्भावस्था की जानकारी दें।
  3. पंजीकरण फॉर्म भरें: ममता पंजीकरण फॉर्म भरें और व्यक्तिगत तथा गर्भावस्था संबंधी जानकारी दें।
  4. दस्तावेज जमा करें: आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतियां जमा करें।
  5. MCP कार्ड प्राप्त करें: AWC रजिस्टर में पंजीकरण के बाद माता एवं शिशु संरक्षण (MCP) कार्ड प्राप्त करें।
  6. नियमित जांच कराएं: निर्धारित समय पर एएनसी जांच, आयरन की गोलियां और टिटनेस इंजेक्शन पूरा करें।

महत्वपूर्ण: पंजीकरण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी मध्यस्थ को भुगतान न करें।

🔍Check Application Status

योजना की स्थिति या भुगतान की जानकारी के लिए:

  • हेल्पलाइन: 181 पर कॉल करें [citation:8][citation:17]।
  • आंगनबाड़ी केंद्र: अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें [citation:17]।

💳Payment / Installment Status

भुगतान की स्थिति जानने के लिए:

  • अपने आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा राशि की जांच बैंक पासबुक, बैंकिंग ऐप या ATM से करें।
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए SMS से भी भुगतान की जानकारी मिलती है।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी भुगतान की स्थिति जानी जा सकती है।

📅Important Dates

Launched
19 September 2011
  • योजना का शुभारंभ: 19 सितंबर 2011 [citation:3]।
  • पंजीकरण की समय सीमा (विस्तारित): गर्भावस्था के 7 महीने तक [citation:8][citation:12]।

❌Who Is Not Eligible

निम्नलिखित श्रेणियों की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं [citation:3][citation:6]:

  • सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (केंद्र/राज्य) के कर्मचारी और उनकी पत्नियां।
  • जो महिलाएं किसी अन्य केंद्रीय मातृत्व लाभ योजना (जैसे ESIC) के तहत कवर हैं।
  • जिनके दो से अधिक जीवित बच्चे हैं।
  • जो ओडिशा की स्थायी निवासी नहीं हैं।

⚠️Important Instructions

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • पंजीकरण प्रक्रिया निःशुल्क है। किसी भी मध्यस्थ को भुगतान न करें।
  • गर्भावस्था के पहले तिमाही (3 महीने) में पंजीकरण कराना अनिवार्य है, हालांकि समय सीमा 7 महीने तक बढ़ा दी गई है [citation:8][citation:12]।
  • दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए संस्थागत प्रसव और बच्चे का टीकाकरण पूरा कराना अनिवार्य है [citation:6]।
  • सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है।
  • योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें [citation:8][citation:17]।

📌Conclusion

ममता योजना ओडिशा सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी मातृत्व लाभ योजना है, जो असंगठित क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करके मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण को भी प्रोत्साहित करती है। अध्ययनों से पता चला है कि इस योजना का मातृ स्वास्थ्य परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है [citation:11]।

❓Frequently Asked Questions