
Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme
तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख पोषण योजना जिसके तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को प्रत्येक स्कूल कार्य दिवस पर मुफ्त, पौष्टिक नाश्ता प्रदान किया जाता है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme) तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख पोषण और शिक्षा सहायता योजना है। इसे मूल रूप से सितंबर 2022 में 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' (Chief Minister's Breakfast Scheme) के नाम से शुरू किया गया था [citation:1][citation:14]।
योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खाली पेट स्कूल आने से रोकना, उनके पोषण स्तर में सुधार करना और कक्षा में ध्यान केंद्रित करने में सहायता करना है [citation:1]।
जुलाई 2026 में, तमिलनाडु सरकार ने योजना का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' कर दिया [citation:4][citation:11]। सितंबर 2026 में, योजना का विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों तक कर दिया गया, जिससे अब कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को लाभ मिल रहा है [citation:1][citation:12]।
✅Eligibility Criteria
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- स्कूल में नामांकन: छात्र तमिलनाडु के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 1 से 8 में नामांकित होना चाहिए [citation:1][citation:4]।
- निवास: छात्र तमिलनाडु का निवासी होना चाहिए।
- आय सीमा: इस योजना में कोई आय सीमा नहीं है। सभी नामांकित छात्र स्वतः पात्र हैं [citation:19]।
- अन्य शर्तें: कोई अन्य विशेष पात्रता शर्त नहीं है।
महत्वपूर्ण: योजना का लाभ स्कूल में नामांकन से जुड़ा है, न कि किसी पारिवारिक आवेदन से। यदि बच्चा पात्र स्कूल में नामांकित है, तो उसे स्वतः ही नाश्ता मिलेगा [citation:19]।
💰Benefits
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- मुफ्त दैनिक नाश्ता: प्रत्येक स्कूल कार्य दिवस पर सुबह का नाश्ता मुफ्त प्रदान किया जाता है [citation:1]।
- पौष्टिक भोजन: नाश्ते में उपमा, खिचड़ी, पोंगल जैसे व्यंजन शामिल हैं, और सप्ताह में दो बार बाजरा आधारित विकल्प भी दिए जाते हैं [citation:6][citation:13]।
- पोषण मूल्य: प्रत्येक भोजन में लगभग 293 कैलोरी, 9.85 ग्राम प्रोटीन, 5.91 ग्राम वसा, 1.64 ग्राम आयरन और 20.41 ग्राम कैल्शियम होता है [citation:11][citation:19]।
- मेनू: सोमवार से शुक्रवार तक एक निर्धारित रोटेशन के अनुसार भोजन परोसा जाता है, जिसमें शुक्रवार को मीठा व्यंजन (रवा केसरी/सेमिया केसरी) भी शामिल होता है [citation:11][citation:19]।
योजना के विस्तार के बाद अब कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 34.64 लाख छात्रों को इसका लाभ मिल रहा है [citation:1]।
📋Documents Required
इस योजना के लिए किसी विशेष दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती। योजना का लाभ स्कूल में नामांकन के आधार पर स्वतः प्राप्त होता है [citation:19]।
हालांकि, स्कूल में प्रवेश के समय सामान्य दस्तावेज (जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण) की आवश्यकता हो सकती है, जो स्कूल के नियमों के अनुसार होंगे।
📝How to Apply
इस योजना के लिए कोई अलग से आवेदन प्रक्रिया नहीं है। योजना का लाभ स्कूल में नामांकन के आधार पर स्वतः प्राप्त होता है [citation:19]।
- स्कूल में नामांकन: अपने बच्चे को तमिलनाडु के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 1 से 8 में नामांकित कराएं।
- स्कूल से पुष्टि करें: स्कूल के प्रधानाध्यापक से पुष्टि करें कि स्कूल इस योजना के अंतर्गत आता है।
- समय पर स्कूल भेजें: बच्चे को समय पर स्कूल भेजें, क्योंकि नाश्ता स्कूल में सुबह 8 बजे से पहले परोसा जाता है।
- कोई शुल्क न दें: यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी व्यक्ति या मध्यस्थ को कोई शुल्क न दें।
🔍Check Application Status
इस योजना के लिए कोई विशेष स्थिति जांच प्रणाली उपलब्ध नहीं है। योजना का लाभ स्कूल में नामांकन के आधार पर स्वतः प्राप्त होता है।
यदि आपके बच्चे को नाश्ता नहीं मिल रहा है, तो सबसे पहले स्कूल के प्रधानाध्यापक या संबंधित शिक्षक से संपर्क करें। समस्या का समाधान न होने पर, स्थानीय ब्लॉक या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें [citation:7]।
💳Payment / Installment Status
यह योजना प्रत्यक्ष नकद भुगतान वाली योजना नहीं है। इसका लाभ स्कूल में मुफ्त नाश्ते के रूप में प्रदान किया जाता है। इसलिए कोई भुगतान स्थिति जांचने की आवश्यकता नहीं है।
📅Important Dates
- योजना का शुभारंभ: सितंबर 2022 (मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के रूप में) [citation:1]।
- योजना का नाम परिवर्तन: जुलाई 2026 (पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम) [citation:4]।
- कक्षा 6-8 तक विस्तार की घोषणा: जून 2026 [citation:15]।
- विस्तारित योजना का शुभारंभ: 22 सितंबर 2026 [citation:1][citation:12]।
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों के छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- जो तमिलनाडु के सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकित नहीं हैं।
- जो निजी स्कूलों में पढ़ते हैं।
- जो कक्षा 8 से ऊपर की कक्षाओं में पढ़ते हैं (वर्तमान में योजना कक्षा 1-8 तक है)।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश:
- योजना का लाभ स्कूल में नामांकन के आधार पर स्वतः प्राप्त होता है, इसलिए कोई अलग आवेदन नहीं करना है।
- योजना पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी व्यक्ति या मध्यस्थ को कोई शुल्क न दें।
- नाश्ता आमतौर पर सुबह 8 बजे से पहले परोसा जाता है, इसलिए बच्चे को समय पर स्कूल भेजें।
- स्कूल में रसोई और भोजन परोसने की जगह की स्वच्छता सुनिश्चित की जाती है।
- यदि बच्चे को नाश्ता नहीं मिल रहा है, तो स्कूल प्रधानाध्यापक से संपर्क करें [citation:7]।
🔗Related Schemes
- मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme)
- पुधुमै पेन थिट्टम (Pudhumai Penn Thittam)
- तमिझ पुधलवन थिट्टम (Tamizh Pudhalvan Scheme)
📌Conclusion
पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम तमिलनाडु सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी पोषण सहायता योजना है, जो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को प्रतिदिन मुफ्त, पौष्टिक नाश्ता प्रदान करके उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यह योजना न केवल बच्चों के पोषण स्तर में सुधार कर रही है, बल्कि स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें कक्षा में बेहतर ध्यान केंद्रित करने में भी सहायता कर रही है। सितंबर 2026 में कक्षा 6-8 तक विस्तार के बाद, अब यह योजना कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 34.64 लाख छात्रों को कवर कर रही है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी स्कूल नाश्ता योजनाओं में से एक बन गई है।
📎Additional Information
वर्तमान स्थिति (सितंबर 2026): योजना का विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों तक कर दिया गया है, जिससे अतिरिक्त 15.30 लाख छात्रों को लाभ मिल रहा है। विस्तार के लिए चालू वित्त वर्ष में ₹217.63 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जिससे योजना का कुल बजट ₹724 करोड़ हो गया है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के 447 स्कूलों में केंद्रीकृत रसोई से नाश्ता तैयार किया जाता है, जबकि अन्य शहरी क्षेत्रों के 2,150 स्कूलों में नगर प्रशासन निदेशालय द्वारा और ग्रामीण क्षेत्रों के 12,857 स्कूलों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा नाश्ता तैयार और परोसा जाता है [citation:12]।
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