
Sabooj Sathi Scheme
पश्चिम बंगाल सरकार की प्रमुख योजना जिसके तहत राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों/मदरसों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले सभी छात्रों को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करना और लड़कियों की गतिशीलता बढ़ाना है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
सबूज साथी (Sabooj Sathi) पश्चिम बंगाल सरकार की एक प्रमुख छात्र कल्याण योजना है, जिसे 2015 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री द्वारा ही चुना गया था, जो इस बात को दर्शाता है कि साइकिल छात्रों को भविष्य में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए सशक्त बनाएगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा में नामांकन बढ़ाना, स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करना और छात्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों की गतिशीलता और आत्मविश्वास को बढ़ाना है। यह योजना छात्रों को उनके घर से स्कूल तक आने-जाने के लिए एक व्यक्तिगत वाहन प्रदान करती है, जिससे वे लंबी दूरी तय कर सकें और शिक्षा जारी रख सकें।
जुलाई 2026 में, राज्य सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर 'सारथी' (Sarathi) कर दिया है और अब यह योजना कक्षा 8 के छात्रों को भी कवर करेगी। नई योजना के तहत, साइकिल वितरित करने से पहले स्कूलों द्वारा छात्रों के प्रोफाइल का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा।
✅Eligibility Criteria
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- निवास: छात्र पश्चिम बंगाल राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- कक्षा: छात्र कक्षा 9, 10, 11 या 12 में पढ़ रहा हो। (जुलाई 2026 से कक्षा 8 के छात्र भी पात्र हैं)
- स्कूल का प्रकार: छात्र पश्चिम बंगाल के किसी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या सरकारी प्रायोजित स्कूल या मान्यता प्राप्त मदरसे में नामांकित होना चाहिए।
- आयु: छात्र की आयु 13 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आय सीमा: इस योजना में कोई आय सीमा नहीं है। यह सभी आय वर्गों के छात्रों के लिए सार्वभौमिक है।
- जाति: इस योजना में जाति के आधार पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
- लिंग: दोनों लड़के और लड़कियां पात्र हैं।
अपात्र: निजी स्कूलों के छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
💰Benefits
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- निःशुल्क साइकिल: प्रत्येक पात्र छात्र को एक निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है।
- वितरण विधि: साइकिल सीधे स्कूलों में वितरित की जाती है, जिससे छात्रों को किसी सरकारी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होती।
- सार्वभौमिक कवरेज: आय, जाति या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं।
- सुरक्षा: चरण-II और चरण-III में खरीदी गई साइकिलों में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सलाह के अनुसार 10 विशेष रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं।
योजना की शुरुआत से अब तक 1.20 करोड़ से अधिक साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं। 2025-26 के एक नए चरण में 12.56 लाख छात्रों को साइकिल वितरित करने का लक्ष्य है, जिसकी अनुमानित लागत ₹507 करोड़ है।
📋Documents Required
योजना में नामांकन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड (छात्र का)
- स्कूल नामांकन प्रमाण
- परिवार की आय का प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
- मोबाइल नंबर
- स्कूल द्वारा जारी पहचान पत्र
ये दस्तावेज स्कूल द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं।
📝How to Apply
योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
महत्वपूर्ण: छात्रों को अलग से कोई आवेदन नहीं करना होता। साइकिल सीधे स्कूलों के माध्यम से वितरित की जाती है।
- स्कूल में नामांकन: छात्र को पश्चिम बंगाल के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 9 (या अब कक्षा 8) में नामांकन लेना होता है।
- डेटा अपलोड: स्कूल प्राधिकरण द्वारा छात्र का डेटा आधिकारिक पोर्टल wbsaboojsathi.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सत्यापन: स्कूलों द्वारा छात्रों के प्रोफाइल का सत्यापन किया जाता है। केवल पता और मोबाइल नंबर में सुधार की अनुमति है; अन्य परिवर्तनों के लिए नए सिरे से डेटा एंट्री की आवश्यकता होती है।
- सरकारी स्वीकृति: सत्यापन के बाद, सरकार द्वारा साइकिल की स्वीकृति दी जाती है और साइकिल स्कूल भेजी जाती है।
- वितरण: स्कूल में एक समारोह में आधार पुष्टि के साथ साइकिल वितरित की जाती है।
🔍Check Application Status
लाभार्थी की स्थिति या साइकिल वितरण रिकॉर्ड की जानकारी के लिए:
- आधिकारिक वेबसाइट wbsaboojsathi.gov.in पर जाएं।
- मेनू में 'Reports' विकल्प पर जाएं।
- 'Search Beneficiary' विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना जिला, ब्लॉक, स्कूल, साइकिल वितरण का चरण और कक्षा चुनें।
- 'Search a Beneficiary' बटन पर क्लिक करें।
- सभी छात्रों के नाम और उनकी स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होंगे।
💳Payment / Installment Status
यह योजना साइकिल के रूप में वस्तु (in-kind) प्रदान करती है, इसलिए किसी भुगतान स्थिति की जांच की आवश्यकता नहीं होती। यदि छात्र को साइकिल नहीं मिली है, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक या जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करें।
📅Important Dates
- योजना का शुभारंभ: मार्च 2015
- पहला वितरण: सितंबर 2015 (पश्चिम मेदिनीपुर से)
- योजना का नाम परिवर्तन (सारथी): जुलाई 2026
- कक्षा 8 तक विस्तार की घोषणा: सितंबर 2026
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों के छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र।
- जो पश्चिम बंगाल के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- जो कक्षा 8 से नीचे या कक्षा 12 से ऊपर हैं।
- जो पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत साइकिल प्राप्त कर चुके हैं (नई शर्तों के अनुसार)।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश:
- छात्रों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है; पूरी प्रक्रिया स्कूल द्वारा प्रबंधित की जाती है।
- साइकिल वितरण के समय आधार पुष्टि की जाती है।
- यदि साइकिल नहीं मिली है, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक या जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करें।
- सभी हस्तांतरण-संबंधी विवरण आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं।
- छात्रों के नाम और साइकिल के फ्रेम नंबर सहित विवरण जनता के लिए सार्वजनिक किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और सामाजिक लेखा परीक्षा सुनिश्चित होती है।
🔗Related Schemes
- कन्याश्री प्रकल्प (पश्चिम बंगाल)
- लक्ष्मीर भंडार योजना (पश्चिम बंगाल)
- स्वास्थ्य साथी योजना (पश्चिम बंगाल)
📌Conclusion
सबूज साथी पश्चिम बंगाल सरकार की एक अत्यंत सफल और प्रभावी छात्र कल्याण योजना है, जिसने राज्य के लाखों छात्रों को निःशुल्क साइकिल प्रदान करके उनकी शिक्षा को सुलभ बनाया है। यह योजना न केवल स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने में सहायक है, बल्कि लड़कियों की गतिशीलता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। योजना की पारदर्शिता और डिजिटल प्रबंधन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। 2026 में इस योजना का नाम बदलकर 'सारथी' कर दिया गया है और इसे कक्षा 8 तक विस्तारित किया गया है, जिससे और अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।
📎Additional Information
महत्वपूर्ण शोध नोट: जुलाई 2026 में, पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर 'सारथी' (Sarathi) कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत, साइकिल वितरित करने से पहले स्कूलों द्वारा छात्रों के प्रोफाइल का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा। सितंबर 2026 में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 8 के छात्रों को भी साइकिल दी जाएगी। योजना के तहत वितरित साइकिलों का रंग पहले नीला और सफेद था, अब नई साइकिलों का रंग केसरिया हो सकता है।
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