Govt Benefit
Mukhyamantri Krishak Unnati Yojana

Mukhyamantri Krishak Unnati Yojana

मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना
🌾 Farmer Support● Active

मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ सरकार की किसान सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को धान के मूल्य अंतर की आदान सहायता तथा फसल विविधीकरण के लिए चिन्हित खरीफ फसलों पर प्रति एकड़ प्रोत्साहन सहायता दी जाती है।

📅 Launched
12 Mar 2024

📋 Quick Facts

Regions
Chhattisgarh
Type
🌾 Farmer Support
Status
Active
Launched
12 Mar 2024
Apply Via
Online

📄About This Scheme

मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ शासन की प्रमुख किसान हितैषी योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि लागत में राहत देना, फसल उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना, कृषि में आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि आदानों में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।

योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ 12 मार्च 2024 को हुआ। प्रारंभिक चरण में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के मूल्य और ₹3,100 प्रति क्विंटल के घोषित स्तर के बीच की अंतर राशि को आदान सहायता के रूप में किसानों के बैंक खातों में भेजा गया।

खरीफ 2025 से योजना का दायरा फसल विविधीकरण के लिए बढ़ाया गया और धान के अतिरिक्त दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास जैसी फसलों को भी निर्धारित शर्तों के साथ सहायता के दायरे में शामिल किया गया।

✅Eligibility Criteria

📊 Eligibility at a Glance
Occupation
Farmer
Land Required
Yes

कृषक उन्नति योजना की पात्रता फसल, पंजीयन और गिरदावरी के आधार पर निर्धारित होती है। पात्र किसान का एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन होना आवश्यक है। धान से संबंधित सहायता के लिए निर्धारित खरीफ मौसम में पंजीकृत किसान द्वारा संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान या निर्धारित स्थिति में धान बीज की बिक्री की शर्तें लागू होती हैं।

  • किसान का एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन होना चाहिए।
  • धान संबंधी लाभ के लिए निर्धारित सहकारी समिति/अधिकृत संस्था में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की शर्तें लागू होती हैं।
  • धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों के लिए पिछले खरीफ में पंजीकृत धान फसल और वर्तमान फसल का पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि आवश्यक है।
  • दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास के लिए किसान पोर्टल पर पंजीयन तथा गिरदावरी में मान्य रकबे की पुष्टि आवश्यक है।
  • सहायता कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधानों के अधीन दी जाती है।
  • ट्रस्ट, मंडल, प्राइवेट लिमिटेड संस्था, शाला विकास समिति तथा केंद्र या राज्य शासन के संस्थान योजना के निर्धारित फसल-विविधीकरण घटक के पात्र नहीं हैं।

💰Benefits

Type
Cash Transfer
Frequency
Annual
Payment Method
Bank Transfer (DBT)

योजना के अंतर्गत सहायता फसल और पात्रता के अनुसार अलग-अलग निर्धारित होती है। इसलिए सभी किसानों के लिए एक समान निश्चित राशि नहीं है।

  • खरीफ 2025 के धान के लिए: धान कॉमन पर ₹731 प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता, अधिकतम ₹15,351 प्रति एकड़ तक।
  • खरीफ 2025 के धान ग्रेड-A के लिए: ₹711 प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता, अधिकतम ₹14,931 प्रति एकड़ तक।
  • धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल: पात्र मान्य रकबे पर ₹11,000 प्रति एकड़ की आदान सहायता।
  • दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास: पात्र मान्य रकबे पर ₹10,000 प्रति एकड़ की आदान सहायता।
  • सहायता राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है।
  • योजना फसल विविधीकरण, उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई तकनीक में निवेश को प्रोत्साहित करती है।

📋Documents Required

योजना के लिए पंजीयन और पात्रता सत्यापन में किसान तथा उसकी फसल संबंधी जानकारी का उपयोग किया जाता है। स्थानीय कृषि विभाग या एकीकृत किसान पोर्टल की वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और विवरण प्रस्तुत करने होते हैं।

  • किसान का एकीकृत किसान पोर्टल पंजीयन
  • किसान की पहचान संबंधी जानकारी
  • बैंक खाता एवं DBT संबंधी विवरण
  • कृषि भूमि/खेती के रकबे संबंधी विवरण
  • फसल पंजीयन संबंधी जानकारी
  • गिरदावरी में दर्ज फसल एवं रकबे का विवरण
  • धान विक्रय से संबंधित उपार्जन/समिति रिकॉर्ड, जहां लागू हो

📝How to Apply

📱 Application Mode
Online
🔗 Apply Online
Go to Portal →

कृषक उन्नति योजना में पात्रता मुख्य रूप से एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन और फसल संबंधी सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी है। किसान को संबंधित खरीफ मौसम में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराना चाहिए।

  1. कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल या निर्धारित किसान पंजीयन व्यवस्था के माध्यम से किसान का पंजीयन सुनिश्चित करें।
  2. अपनी भूमि और फसल संबंधी सही जानकारी दर्ज करें।
  3. धान के लिए निर्धारित उपार्जन व्यवस्था के अंतर्गत पंजीयन और समर्थन मूल्य पर विक्रय की प्रक्रिया पूरी करें, जहां योजना के संबंधित घटक में यह आवश्यक है।
  4. धान के स्थान पर वैकल्पिक खरीफ फसल लेने पर संबंधित फसल का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराएं।
  5. गिरदावरी में वास्तविक फसल और रकबे की पुष्टि सुनिश्चित करें।
  6. बैंक खाते और DBT से संबंधित जानकारी सही रखें।
  7. पात्रता सत्यापन के बाद निर्धारित आदान सहायता राशि बैंक खाते में प्राप्त करें।

🔍Check Application Status

कृषक उन्नति योजना की पात्रता और भुगतान की स्थिति किसान के पंजीयन, फसल रिकॉर्ड, गिरदावरी तथा उपार्जन रिकॉर्ड से संबंधित होती है। किसान अपने एकीकृत किसान पोर्टल/कृषि विभाग की व्यवस्था और संबंधित सहकारी समिति या कृषि कार्यालय से पंजीयन एवं पात्रता की स्थिति की जानकारी ले सकता है।

धान विक्रय से संबंधित किसान अपने उपार्जन रिकॉर्ड और बैंक खाते में प्राप्त DBT भुगतान की भी जांच कर सकता है।

💳Payment / Installment Status

कृषक उन्नति योजना की आदान सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में जमा की जाती है। किसान भुगतान की पुष्टि अपने बैंक स्टेटमेंट, पासबुक या बैंकिंग माध्यम से कर सकता है। यदि पात्रता पूरी होने के बावजूद भुगतान लंबित है, तो बैंक खाते की जानकारी, पंजीयन रिकॉर्ड, गिरदावरी तथा संबंधित सहकारी समिति/कृषि कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करानी चाहिए।

📅Important Dates

Launched
12 March 2024
  • योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ: 12-03-2024
  • पहला प्रमुख भुगतान: खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के धान की अंतर राशि का भुगतान 12-03-2024 से शुरू हुआ।
  • फसल विविधीकरण का विस्तारित क्रियान्वयन: खरीफ 2025 से।
  • खरीफ 2025 पंजीयन: निर्धारित कृषि/एकीकृत किसान पोर्टल की समय-सीमा के अनुसार।
  • अगली भुगतान तिथि: वर्तमान आधिकारिक स्रोतों में सभी लाभार्थियों के लिए एक समान निश्चित तिथि घोषित नहीं है।

❌Who Is Not Eligible

योजना के संबंधित फसल-विविधीकरण घटक में सभी संस्थाएं पात्र नहीं हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ट्रस्ट, मंडल, प्राइवेट लिमिटेड संस्थाएं, शाला विकास समितियां तथा केंद्र या राज्य शासन के संस्थान पात्र नहीं हैं। इसके अतिरिक्त जिन किसानों का आवश्यक एकीकृत किसान पोर्टल पंजीयन, फसल पंजीयन या गिरदावरी सत्यापन पूरा नहीं है, उन्हें संबंधित घटक की सहायता नहीं मिल सकती। धान संबंधी सहायता में निर्धारित उपार्जन और समर्थन मूल्य पर विक्रय की शर्तें भी लागू होती हैं।

⚠️Important Instructions

किसानों को प्रत्येक खरीफ मौसम में पंजीयन की निर्धारित समय-सीमा पर ध्यान देना चाहिए। भूमि, फसल और रकबे की जानकारी वास्तविक रूप से दर्ज कराना तथा गिरदावरी रिकॉर्ड सही रखना आवश्यक है। धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को संबंधित फसल का पंजीयन समय पर कराना चाहिए। दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास के लिए सहायता प्राप्त करने हेतु निर्धारित पंजीयन और गिरदावरी में रकबे की पुष्टि अनिवार्य है। भुगतान के लिए बैंक खाता और DBT संबंधी जानकारी सही रखना चाहिए।

📌Conclusion

मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ में किसानों को कृषि लागत में राहत और बेहतर फसल मूल्य/आदान सहायता देने के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने वाली प्रमुख राज्य योजना है। 2024 में योजना के तहत 24.72 लाख किसानों को ₹13,320 करोड़ की धान मूल्य अंतर सहायता दी गई थी। खरीफ 2025 से योजना का दायरा बढ़ाकर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को भी निर्धारित शर्तों के साथ शामिल किया गया। 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

📎Additional Information

2024 का प्रमुख भुगतान: योजना के पहले बड़े राज्य स्तरीय भुगतान में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के लिए ₹3,100 प्रति क्विंटल के लक्ष्य के अनुरूप अंतर राशि दी गई। 24.72 लाख से अधिक किसानों को कुल ₹13,320 करोड़ की आदान सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी गई। उस समय धान के मूल्य अंतर की राशि ₹917 प्रति क्विंटल थी।

2025 से विस्तार: राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए योजना का दायरा बढ़ाया। धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने वाले पात्र किसानों को ₹11,000 प्रति एकड़ और दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़ की आदान सहायता का प्रावधान किया गया।

खरीफ 2025 धान सहायता: सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार धान कॉमन पर ₹731 प्रति क्विंटल और धान ग्रेड-A पर ₹711 प्रति क्विंटल की दर से सहायता निर्धारित की गई, जिसकी अधिकतम सीमा क्रमशः ₹15,351 और ₹14,931 प्रति एकड़ बताई गई है।

2026-27 में योजना: छत्तीसगढ़ सरकार के 2026-27 बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास को फसल विविधीकरण के अंतर्गत योजना में शामिल रखने की पुष्टि की गई है।

योजना का उद्देश्य: योजना केवल फसल के मूल्य अंतर की सहायता तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उन्नत बीज और उर्वरक जैसे कृषि आदानों में निवेश बढ़ाना, यंत्रीकरण एवं नई तकनीक को प्रोत्साहित करना, फसल क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाना तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

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