
Marriage Assistance Scheme Jammu & Kashmir
जम्मू-कश्मीर सरकार की राज्य विवाह सहायता योजना के तहत गरीब परिवारों की बालिकाओं को विवाह के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्ड धारक परिवारों की बालिकाओं को ₹75,000 और प्राथमिकता गृहस्थ (PHH) परिवारों की बालिकाओं को ₹50,000 दिए जाते हैं।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
राज्य विवाह सहायता योजना (SMAS) जम्मू-कश्मीर सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, जिसे 2 दिसंबर 2015 को शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बालिका का विवाह बाधित न हो।
योजना के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्ड धारक परिवारों की पात्र बालिकाओं को ₹75,000 और प्राथमिकता गृहस्थ (PHH) राशन कार्ड धारक परिवारों की बालिकाओं को ₹50,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। यह राशि विवाह से पहले सीधे बालिका के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा की जाती है।
अप्रैल 2025 से 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की अनिवार्यता को 31 मार्च 2028 तक के लिए शिथिल कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना के तहत अब तक 1.45 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है और ₹700 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
✅Eligibility Criteria
राज्य विवाह सहायता योजना के लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:
- लिंग: केवल बालिकाएं/महिलाएं पात्र हैं।
- आयु: विवाह के समय बालिका की आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
- निवास: आवेदक जम्मू-कश्मीर का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- राशन कार्ड: आवेदक का परिवार AAY या PHH राशन कार्ड धारक होना चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की अनिवार्यता 31 मार्च 2028 तक शिथिल कर दी गई है।
- आवेदन समय: विवाह की तारीख से कम से कम एक माह पहले आवेदन करना अनिवार्य है।
- अन्य योजनाओं से लाभ: आवेदक ने पहले इसी उद्देश्य के लिए किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की योजना (विशेषकर लाडली बेटी योजना) का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
💰Benefits
राज्य विवाह सहायता योजना के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- AAY परिवारों की बालिकाओं को: ₹75,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता।
- PHH परिवारों की बालिकाओं को: ₹50,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता।
- भुगतान का माध्यम: राशि सीधे बालिका के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है।
- भुगतान का समय: सहायता राशि विवाह से पहले जारी की जाती है।
- एक बार का लाभ: यह सहायता प्रत्येक पात्र बालिका को केवल एक बार ही दी जाती है।
📋Documents Required
योजना के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- डोमिसाइल प्रमाण पत्र
- AAY या PHH राशन कार्ड
- जन्म तिथि का प्रमाण
- विवाह कार्ड
- न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र
- बैंक खाते के आधार सीडिंग के लिए सहमति फॉर्म
📝How to Apply
राज्य विवाह सहायता योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:
- जनसुगम पोर्टल पर जाएं: jansugam.jk.gov.in पर जाएं।
- पंजीकरण करें: यदि नए उपयोगकर्ता हैं, तो जनसुगम पोर्टल पर पंजीकरण करें।
- लॉगिन करें: अपने पंजीकृत लॉगिन विवरण से लॉगिन करें।
- सेवा चुनें: 'Marriage Assistance Scheme' सेवा खोजें और चुनें।
- फॉर्म भरें: व्यक्तिगत, पारिवारिक, पता और बैंक खाता विवरण भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- सबमिट करें: आवेदन समीक्षा करें और सबमिट करें।
स्वीकृति प्रक्रिया: जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। DSWO उपायुक्त को सिफारिश के साथ मामला भेजते हैं। उपायुक्त पात्रता की जांच के बाद सहायता स्वीकृत करते हैं। स्वीकृति के बाद राशि DBT के माध्यम से बालिका के बैंक खाते में जमा की जाती है।
महत्वपूर्ण: विवाह की तारीख से कम से कम एक माह पहले आवेदन जमा करना अनिवार्य है।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति जांचने के लिए:
- जनसुगम पोर्टल: jansugam.jk.gov.in पर लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
- हेल्पलाइन: 0191-2542759 पर कॉल करें।
- ईमेल: socialwelfare.adm@gmail.com पर संपर्क करें।
- जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय: संबंधित जिले के DSWO कार्यालय से संपर्क करें।
💳Payment / Installment Status
योजना के तहत सहायता राशि सीधे बालिका के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है। भुगतान की जांच के लिए:
- बैंक स्टेटमेंट: अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट जांचें।
- SMS अलर्ट: बैंक द्वारा भेजे गए SMS से जानकारी प्राप्त करें।
- जनसुगम पोर्टल: पोर्टल पर लॉगिन करके भुगतान विवरण देख सकते हैं।
📅Important Dates
- 2 दिसंबर 2015: राज्य विवाह सहायता योजना की शुरुआत।
- 22 मार्च 2022: सहायता राशि ₹25,000 और 5 ग्राम सोने से बढ़ाकर ₹50,000 की गई।
- 1 अप्रैल 2025: AAY परिवारों की बालिकाओं के लिए सहायता ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 की गई। 8वीं कक्षा की अनिवार्यता शिथिल।
- 31 मार्च 2028: 8वीं कक्षा की अनिवार्यता में शिथिलता की अंतिम तिथि।
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों की बालिकाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- जो जम्मू-कश्मीर की स्थायी निवासी नहीं हैं।
- जिनका परिवार AAY या PHH राशन कार्ड धारक नहीं है।
- जो विवाह के समय 18 वर्ष से कम आयु की हैं।
- जिन्होंने पहले इस योजना का लाभ ले लिया है।
- जिन्होंने लाडली बेटी योजना के तहत इसी उद्देश्य के लिए लाभ प्राप्त किया है।
- जिन्होंने विवाह की तारीख से एक माह पहले आवेदन नहीं किया।
⚠️Important Instructions
- विवाह की तारीख से कम से कम एक माह पहले आवेदन अवश्य करें।
- सभी दस्तावेज सही और वैध होने चाहिए।
- आवेदन केवल ऑनलाइन जनसुगम पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं।
- बैंक खाता बालिका के नाम पर होना चाहिए।
- शपथ पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी से सत्यापित कराएं।
- किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0191-2542759 पर संपर्क करें।
🔗Related Schemes
जम्मू-कश्मीर सरकार की अन्य संबंधित योजनाएं:
- लाडली बेटी योजना: बालिकाओं के नाम पर 14 वर्ष तक ₹1,000 मासिक जमा, 21 वर्ष पर ₹6.5 लाख।
- एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना: विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ।
- पोषण मिशन: बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए।
📌Conclusion
राज्य विवाह सहायता योजना जम्मू-कश्मीर सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत AAY परिवारों की बालिकाओं को ₹75,000 और PHH परिवारों की बालिकाओं को ₹50,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। 8वीं कक्षा की अनिवार्यता में शिथिलता से अधिक बालिकाएं योजना का लाभ उठा सकेंगी। 2025-26 में अब तक 44,301 लाभार्थियों को ₹234 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।
📎Additional Information
योजना में बदलाव का इतिहास: 2015 में शुरू होने पर इस योजना के तहत ₹25,000 नकद और 5 ग्राम सोने का खर्च दिया जाता था। मार्च 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाली प्रशासनिक परिषद ने योजना को पुनर्गठित करके सहायता ₹50,000 कर दी। 1 अप्रैल 2025 से AAY राशन कार्ड धारक परिवारों की बालिकाओं के लिए यह राशि बढ़ाकर ₹75,000 कर दी गई।
8वीं कक्षा की अनिवार्यता में शिथिलता: 2022 में सरकार ने योजना के लिए 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की अनिवार्यता लागू की थी, जिससे कई गरीब बालिकाएं योजना से वंचित हो गईं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने इस शर्त पर सवाल उठाया और सरकार को पुनर्विचार का निर्देश दिया। अप्रैल 2025 से सरकार ने 8वीं कक्षा की अनिवार्यता को 31 मार्च 2028 तक के लिए शिथिल कर दिया।
वर्तमान स्थिति: 2026 में विधानसभा में बताया गया कि 2025-26 में अब तक 44,301 लाभार्थियों को ₹234 करोड़ की सहायता दी गई, जिसमें ₹70.08 करोड़ की राशि ट्रेजरी में लंबित है। 2023-24 और 2024-25 में प्रत्येक वर्ष 26,000 लाभार्थियों को ₹130 करोड़ की सहायता दी गई थी।
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