
Dr. Muthulakshmi Reddy Maternity Benefit Scheme
तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख मातृत्व लाभ योजना जिसके तहत राज्य की गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक गर्भावस्था पर ₹18,000 का वित्तीय लाभ (₹14,000 नकद + ₹4,000 पोषण किट) किस्तों में प्रदान किया जाता है। यह योजना सार्वभौमिक है और इसमें कोई आय सीमा नहीं है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी मातृत्व लाभ योजना (MRMBS) तमिलनाडु सरकार की एक ऐतिहासिक और अग्रणी मातृत्व कल्याण योजना है, जिसे 1987 में शुरू किया गया था। इस योजना का नाम डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी के नाम पर रखा गया है, जो भारत की पहली महिला विधायक और एक प्रख्यात चिकित्सक और समाज सुधारक थीं।
योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण और स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना है। यह योजना गर्भावस्था के दौरान होने वाली मजदूरी की हानि की भरपाई करने और मां को उचित पोषण और चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने में मदद करती है।
योजना का संचालन सार्वजनिक स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय द्वारा किया जाता है। यह योजना सार्वभौमिक है—इसमें कोई आय सीमा नहीं है और यह तमिलनाडु की सभी गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध है, जिससे यह भारत की सबसे उदार राज्य मातृत्व लाभ योजनाओं में से एक बन जाती है।
✅Eligibility Criteria
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- निवास: आवेदिका तमिलनाडु की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- आयु: महिला की आयु 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- पंजीकरण: महिला को गर्भावस्था की पुष्टि के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सरकारी अस्पताल में पंजीकरण कराना होगा और PICME (Pregnancy and Infant Cohort Monitoring and Evaluation) प्रणाली के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- प्रसव: प्रसव किसी मान्यता प्राप्त संस्थान (सरकारी या निजी अस्पताल) में होना चाहिए।
- बैंक खाता: महिला के नाम पर आधार-लिंक बैंक खाता होना चाहिए।
- ANC चेक-अप: पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए सभी 4 प्रसवपूर्व जांच (ANC) पूरी करनी होंगी।
- पात्रता सीमा: यह योजना पहले दो प्रसवों के लिए उपलब्ध है। इस योजना में कोई आय सीमा नहीं है।
विशेष श्रेणियां: 2 से अधिक बच्चों वाली माताओं (HOB) और प्रवासी माताओं को कुछ शर्तों के साथ पहली और पांचवीं किस्त मिलती है।
💰Benefits
इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- कुल लाभ: ₹18,000 प्रति गर्भावस्था।
- नकद सहायता: ₹14,000 (किस्तों में)।
- पोषण किट: ₹4,000 मूल्य की दो अम्मा मातृत्व पोषण किट (प्रत्येक ₹2,000 मूल्य की)।
नकद सहायता की किस्तें (₹14,000):
- पहली किस्त: ₹6,000 (गर्भावस्था के चौथे महीने में)।
- दूसरी किस्त: ₹6,000 (प्रसव के 4 महीने बाद)।
- तीसरी किस्त: ₹2,000 (बच्चे के 9 महीने की आयु पर)।
पोषण किट (₹4,000): दो पोषण किट, प्रत्येक ₹2,000 मूल्य की, गर्भावस्था के तीसरे और छठे महीने में दी जाती हैं।
📋Documents Required
योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड (महिला का)।
- निवास प्रमाण पत्र (तमिलनाडु का स्थायी निवासी होने का)।
- बैंक पासबुक (आधार-लिंक DBT सक्रिय खाता)।
- विवाह प्रमाण पत्र (यदि विवाहित हों)।
- चिकित्सा रिपोर्ट (गर्भावस्था की पुष्टि के लिए)।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- PICME पंजीकरण संख्या।
📝How to Apply
योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- PICME पंजीकरण: सबसे पहले, गर्भावस्था की पुष्टि होने पर PICME पोर्टल (picme3.tn.gov.in) पर पंजीकरण करें या नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर जाएं।
- प्रसवपूर्व देखभाल: गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसवपूर्व जांच (ANC) कराएं और सभी आवश्यक टीकाकरण पूरे करें।
- MCP कार्ड: PHC से माता और शिशु संरक्षण (MCP) कार्ड प्राप्त करें, जिसमें सभी ANC शेड्यूल दर्ज होंगे।
- दस्तावेज जमा करें: PHC या सरकारी अस्पताल में आधार, निवास प्रमाण, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
- किस्तों की प्राप्ति: सभी शर्तों को पूरा करने पर, नकद सहायता की किस्तें और पोषण किट निर्धारित समय पर प्राप्त होंगी।
आवेदन ऑनलाइन PICME पोर्टल के माध्यम से या ऑफलाइन आंगनवाड़ी/PHC में जाकर किया जा सकता है।
🔍Check Application Status
आवेदन या भुगतान की स्थिति जानने के लिए:
- PICME पोर्टल (picme3.tn.gov.in) पर जाएं।
- अपने PICME नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- 'Check Registration Status' विकल्प पर क्लिक करें।
- आपकी आवेदन स्थिति और भुगतान विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
वैकल्पिक रूप से, अपने नजदीकी PHC या सरकारी अस्पताल में जाकर भी स्थिति जांची जा सकती है।
💳Payment / Installment Status
भुगतान की स्थिति जानने के लिए:
- PICME पोर्टल पर लॉगिन करके 'Payment Status' विकल्प देखें।
- अपने आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा राशि की जांच बैंक पासबुक, बैंकिंग ऐप या ATM से करें।
- पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए SMS से भी भुगतान की जानकारी मिल सकती है।
- यदि भुगतान नहीं आया है, तो सबसे पहले यह जांचें कि आपका आधार बैंक खाते से NPCI मैपिंग के माध्यम से लिंक है या नहीं।
📅Important Dates
- योजना का शुभारंभ: 1987
- राशि में वृद्धि (₹12,000 से ₹18,000): 2018
- पीएमएमवीवाई के साथ एकीकरण: 2018
- किस्तों में बदलाव (5 किस्तों से 3 किस्तों में): 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- जो तमिलनाडु की स्थायी निवासी नहीं हैं।
- जिनकी आयु 19 वर्ष से कम है।
- जिन्होंने PICME पंजीकरण नहीं कराया है।
- जिनका प्रसव किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नहीं हुआ है।
- जिनका आधार-लिंक बैंक खाता नहीं है।
नोट: 2 से अधिक बच्चों वाली माताओं (HOB) और प्रवासी माताओं को कुछ शर्तों के साथ सीमित लाभ मिलता है।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश:
- PICME पंजीकरण अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
- गर्भावस्था की पुष्टि होने पर जल्द से जल्द (पहली तिमाही में) पंजीकरण कराएं।
- सभी 4 प्रसवपूर्व जांच (ANC) पूरी करना अनिवार्य है।
- आधार-बैंक लिंकेज सक्रिय होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान विफल हो सकता है।
- पोषण किट प्राप्त करने के लिए PHC या आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं।
- योजना से संबंधित किसी भी प्रकार का शुल्क न दें; यह पूर्णतः निःशुल्क है।
🔗Related Schemes
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
- जननी सुरक्षा योजना (JSY)
- पुधुमै पेन थिट्टम (तमिलनाडु)
📌Conclusion
डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी मातृत्व लाभ योजना तमिलनाडु सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी मातृत्व कल्याण योजना है, जो राज्य की गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता और पोषण सहायता प्रदान करके मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना न केवल मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक है, बल्कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली मजदूरी की हानि की भरपाई करके महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती है। 2026-27 के बजट में ₹4,042 करोड़ के आवंटन के साथ, यह योजना 34 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचा रही है।
📎Additional Information
वर्तमान स्थिति: वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹4,042 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे 34,40,550 महिलाओं को लाभ मिल रहा है। 1 अप्रैल 2026 से किस्तों की संरचना में बदलाव किया गया है—पहले 5 किस्तों में ₹14,000 दिए जाते थे, अब 3 किस्तों में दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ₹4,000 मूल्य की दो पोषण किट भी दी जाती हैं।
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