
Mahila Shakti Kendra Gujarat
महिला शक्ति केंद्र (MSK) ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक केंद्रीय प्रायोजित योजना थी, जिसे 2017 में शुरू किया गया था। गुजरात के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय और नर्मदा व दाहोद के तालुका स्तर पर केंद्र स्थापित किए गए थे। यह योजना 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दी गई है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
महिला शक्ति केंद्र (MSK) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नवंबर 2017 में शुरू की गई एक केंद्रीय प्रायोजित योजना थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना था।
गुजरात राज्य में इस योजना के तहत सभी 33 जिलों में 'जिला महिला शक्ति केंद्र' और नर्मदा (5 तालुका) तथा दाहोद (8 तालुका) में 'तालुका महिला शक्ति केंद्र' स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों, कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित जानकारी और कार्यक्रम जिला, तालुका और ग्राम स्तर की महिलाओं तक पहुंचाए जाते थे।
यह योजना छात्र स्वयंसेवकों की भागीदारी पर केंद्रित थी, जो महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंचने में सहायता करते थे। हालांकि, NITI Aayog के मूल्यांकन के बाद, इस योजना को 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दिया गया और इसे 'मिशन शक्ति' के तहत समाहित कर दिया गया।
✅Eligibility Criteria
महिला शक्ति केंद्र योजना के तहत सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित थे:
- लिंग: योजना मुख्यतः महिलाओं के लिए थी।
- निवास: गुजरात राज्य की निवासी महिलाएं।
- क्षेत्र: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को प्राथमिकता।
- आयु: सामान्यतः 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं।
- कोई आय सीमा नहीं: सभी आय वर्ग की महिलाएं जानकारी और परामर्श सेवाओं का लाभ उठा सकती थीं।
छात्र स्वयंसेवकों के लिए: स्थानीय कॉलेजों के छात्र, विशेषकर NSS/NCC कैडर के छात्र, स्वयंसेवक के रूप में शामिल हो सकते थे।
💰Benefits
महिला शक्ति केंद्र योजना के तहत महिलाओं को निम्नलिखित सेवाएं और लाभ प्रदान किए जाते थे:
मुख्य सेवाएं
- योजना जानकारी: विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी एक ही स्थान पर।
- कौशल विकास: कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी और रेफरल।
- रोजगार सहायता: रोजगार के अवसरों की जानकारी।
- डिजिटल साक्षरता: डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम।
- स्वास्थ्य और पोषण: स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी और कार्यक्रम।
- कानूनी सहायता: कानूनी सहायता और परामर्श के लिए रेफरल।
अन्य लाभ
- क्षमता निर्माण: विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं का क्षमता विकास।
- सरकारी योजनाओं तक पहुंच: महिलाओं को उनके अधिकारों और पात्रताओं की जानकारी।
- समन्वय: विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच समन्वय।
📋Documents Required
महिला शक्ति केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती थी:
- आधार कार्ड (पहचान के लिए)
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड या अन्य)
- आयु प्रमाण (यदि आवश्यक हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
ध्यान दें: सामान्य जानकारी और परामर्श सेवाओं के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं थी। दस्तावेज केवल विशिष्ट योजनाओं में पंजीकरण के समय आवश्यक होते थे।
📝How to Apply
महिला शक्ति केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया:
- निकटतम केंद्र खोजें: अपने जिले के 'जिला महिला शक्ति केंद्र' या नर्मदा/दाहोद के तालुका केंद्र का पता लगाएं।
- केंद्र पर जाएं: किसी भी कार्य दिवस पर केंद्र पर जाएं।
- जानकारी प्राप्त करें: केंद्र पर उपलब्ध स्वयंसेवकों या कर्मचारियों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
- परामर्श लें: कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य या कानूनी सहायता के लिए परामर्श लें।
- रेफरल प्राप्त करें: आवश्यकता होने पर संबंधित विभाग या योजना के लिए रेफरल प्राप्त करें।
महत्वपूर्ण: यह योजना 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दी गई है। वर्तमान में इस योजना के तहत नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
🔍Check Application Status
महिला शक्ति केंद्र योजना 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दी गई है। इसलिए वर्तमान में इस योजना के तहत आवेदन या स्थिति जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वर्तमान में महिलाओं से संबंधित योजनाओं और सेवाओं के लिए 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम के तहत कार्य किया जा रहा है।
💳Payment / Installment Status
महिला शक्ति केंद्र एक सेवा-आधारित योजना थी, जिसमें सीधे नकद भुगतान या वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाती थी। इसलिए इस योजना के तहत payment check की कोई व्यवस्था नहीं थी।
यह योजना महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने वाली एक सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करती थी।
📅Important Dates
- नवंबर 2017: महिला शक्ति केंद्र योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी।
- 2017-18 से 2019-20: योजना की प्रारंभिक अवधि।
- 2020: NITI Aayog द्वारा तीसरे पक्ष का मूल्यांकन।
- 1 अप्रैल 2022: योजना को बंद करने की तिथि।
- 1 अप्रैल 2022: 'मिशन शक्ति' का शुभारंभ।
❌Who Is Not Eligible
महिला शक्ति केंद्र योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों को शामिल नहीं किया गया था:
- पुरुषों को योजना की सेवाओं का लाभ नहीं मिलता था (यह महिला-केंद्रित योजना थी)।
- गुजरात राज्य के बाहर के निवासियों को योजना का लाभ नहीं मिलता था।
- शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को भी शामिल किया गया था, लेकिन प्राथमिकता ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को दी गई थी।
वर्तमान स्थिति: यह योजना 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दी गई है, इसलिए अब किसी भी नए लाभार्थी को इस योजना के तहत शामिल नहीं किया जा रहा है।
⚠️Important Instructions
- योजना बंद: महिला शक्ति केंद्र योजना 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दी गई है। इसलिए नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
- वर्तमान विकल्प: महिलाओं से संबंधित योजनाओं और सेवाओं के लिए अब 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम के तहत कार्य किया जा रहा है।
- जानकारी के लिए: वर्तमान में उपलब्ध योजनाओं की जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, गुजरात की वेबसाइट देखें।
🔗Related Schemes
महिला शक्ति केंद्र योजना से संबंधित वर्तमान योजनाएं:
- मिशन शक्ति - संबल: महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा के लिए (वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नारी अदालत)।
- मिशन शक्ति - सामर्थ्य: महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, शक्ति सदन, सखी निवास, पालना, SANKALP: HEW)।
- सखी निवास (कार्यशील महिला छात्रावास): कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास।
- वन स्टॉप सेंटर (सखी): हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए एकीकृत सहायता केंद्र।
📌Conclusion
महिला शक्ति केंद्र योजना ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, जिसने गुजरात के सभी 33 जिलों में महिलाओं को सरकारी योजनाओं, कौशल विकास और अन्य सेवाओं से जोड़ने का काम किया। हालांकि, NITI Aayog के मूल्यांकन के बाद इस योजना को 1 अप्रैल 2022 से बंद कर दिया गया और इसे 'मिशन शक्ति' के व्यापक ढांचे में समाहित कर दिया गया। वर्तमान में महिलाओं से संबंधित सभी योजनाएं और कार्यक्रम 'मिशन शक्ति' के तहत 'संबल' और 'सामर्थ्य' नामक दो उप-घटकों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
📎Additional Information
योजना का इतिहास: महिला शक्ति केंद्र योजना को नवंबर 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी। यह योजना 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिए स्वीकृत की गई थी और इसे 2022 तक बढ़ाया गया था। योजना का बजट 2017-18 से 2019-20 के लिए ₹3,636.85 करोड़ (केंद्रीय हिस्सा ₹3,084.96 करोड़) था।
गुजरात में कार्यान्वयन: गुजरात में योजना के तहत सभी 33 जिलों में 'जिला महिला शक्ति केंद्र' और नर्मदा (5 तालुका) तथा दाहोद (8 तालुका) में 'तालुका महिला शक्ति केंद्र' स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों के माध्यम से 2019-20 में कुल 1,127 ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सहायता प्रदान की गई थी।
NITI Aayog का मूल्यांकन: 2020 में NITI Aayog द्वारा तीसरे पक्ष का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद राज्यों और हितधारकों के परामर्श से यह निर्णय लिया गया कि योजना को बंद करके 'मिशन शक्ति' के तहत एकीकृत किया जाए।
वर्तमान में क्या हुआ: महिला शक्ति केंद्र के कार्यों को अब 'मिशन शक्ति' के तहत 'SANKALP: हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन (HEW)' के माध्यम से जारी रखा गया है, जो राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर महिलाओं के लिए योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी का एकल खिड़की के रूप में कार्य करता है।
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