
Mission for Integrated Development of Horticulture
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें फल, सब्जियां, मसाले, फूल, नारियल, बांस और अन्य बागवानी फसलें शामिल हैं। यह योजना 2025 में संशोधित दिशानिर्देशों के साथ पूरे देश में लागू है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 2014-15 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) को पुनर्गठित करके शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य बागवानी क्षेत्र का समग्र विकास करना है [citation:3][citation:7]।
योजना का कार्यान्वयन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB), नारियल विकास बोर्ड (CDB), राष्ट्रीय बांस मिशन (NBM), और राज्य बागवानी मिशनों (SHMs) के माध्यम से किया जाता है। योजना के तहत राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर समितियां गठित की गई हैं जो कार्यान्वयन की निगरानी करती हैं [citation:1]।
2025 में, योजना को संशोधित परिचालन दिशानिर्देशों के साथ पुनर्गठित किया गया, जिसमें लागत मानदंड बढ़ाए गए, उच्च मूल्य, विदेशी और औषधीय फसलों को शामिल किया गया, और नवीनतम तकनीकों को बढ़ावा दिया गया [citation:3]।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- किसान: सभी श्रेणियों के किसान, जिनमें लघु और सीमांत किसान, SC/ST किसान, महिला किसान और दिव्यांग किसान शामिल हैं [citation:2]।
- भूमि: किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। पट्टे पर ली गई भूमि के लिए, बागानों के लिए 10 वर्ष और परियोजना-आधारित गतिविधियों के लिए 15 वर्ष का पंजीकृत पट्टा समझौता आवश्यक है [citation:5]।
- सिंचाई: पौधरोपण के लिए सुनिश्चित सिंचाई स्रोत (ट्यूबवेल/पानी की टंकी) आवश्यक है [citation:5]।
- दस्तावेज: भूमि दस्तावेज, पहचान दस्तावेज और बैंक विवरण आवश्यक हैं [citation:5]।
- प्राथमिकता: SC/ST, महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाती है [citation:2]।
💰Benefits
लाभ और सब्सिडी दरें
MIDH के तहत विभिन्न घटकों के लिए सब्सिडी दरें [citation:6][citation:8]:
| घटक | सब्सिडी दर |
|---|---|
| संरक्षित खेती (पॉलीहाउस/शेड नेट हाउस) | 50% (अधिकतम 2500 वर्ग मीटर प्रति लाभार्थी) [citation:19] |
| जैविक खेती | 50% (PKVY मानदंडों के अनुसार) [citation:12] |
| वर्मी कंपोस्ट इकाई | 50% (स्थायी संरचना के लिए ₹1 लाख/इकाई) [citation:12] |
| बागवानी यंत्रीकरण | 25% से 50% (SMAM मानदंडों के अनुसार) [citation:6] |
| कोल्ड चेन अवसंरचना | 35% से 50% (क्रेडिट लिंक्ड बैक-एंडेड सब्सिडी) [citation:6] |
| फलों और सब्जियों की खेती | 40% तक (नए बागानों के लिए) [citation:4] |
| फूल और सब्जी की खेती (संरक्षित खेती) | 50% तक [citation:4] |
| छोटी नर्सरी की स्थापना | 50% तक [citation:4] |
| बड़ी नर्सरी/टिश्यू कल्चर लैब | 40% तक [citation:4] |
| प्रशिक्षण (HRD) | 100% [citation:6] |
वित्त पोषण पैटर्न: सामान्य राज्यों के लिए 60:40 (केंद्र:राज्य), पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, और NHB/CDB/CIH/NLA/UT के लिए 100% केंद्रीय [citation:7]।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि दस्तावेज (खसरा/खतौनी)
- बैंक खाता विवरण
- पंजीकृत पट्टा समझौता (यदि पट्टे पर भूमि हो) [citation:5]
- सिंचाई स्रोत का प्रमाण [citation:5]
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- परियोजना रिपोर्ट (परियोजना-आधारित गतिविधियों के लिए)
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: आवेदन ऑनलाइन MIDH सुरक्षा पोर्टल (midhsuraksha.in) के माध्यम से या संबंधित जिला बागवानी कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं [citation:5]।
- आवेदन जमा करें: निर्धारित प्रारूप (Form-1 या Form-2) में आवेदन भरें। आवेदन ऑनलाइन या हॉर्टिकल्चर ऑफिसर (HO) के माध्यम से जिला बागवानी कार्यालय में जमा करें [citation:5]।
- सत्यापन: होर्टिकल्चर ऑफिसर आवेदन की जांच करके 3 दिनों के भीतर जिला कार्यालय को अग्रेषित करता है [citation:5]।
- पंजीकरण: जिला अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन और ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है [citation:5]।
- वरिष्ठता सूची: अधिक आवेदन होने पर वरिष्ठता सूची बनाई जाती है और 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है [citation:5]।
- स्वीकृति: 7-14 दिनों के भीतर स्वीकृति दी जाती है [citation:5]।
- भौतिक सत्यापन: कार्यान्वयन के बाद भौतिक सत्यापन किया जाता है [citation:5]।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति MIDH सुरक्षा पोर्टल (midhsuraksha.in) पर देखी जा सकती है, जहां वरिष्ठता सूची और आवेदन की स्थिति उपलब्ध होती है [citation:5]।
💳Payment / Installment Status
सब्सिडी का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाता है। ऋण मामलों में, सब्सिडी लाभार्थी के खाते या ऋण खाते में जारी की जा सकती है [citation:5]।
📅Important Dates
- 2004-05: राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) का शुभारंभ [citation:3]।
- 2014-15: NHM को MIDH में समाहित किया गया [citation:3]।
- 2025: संशोधित परिचालन दिशानिर्देश जारी [citation:3]।
❌Who Is Not Eligible
अपात्र श्रेणियां:
- जिन किसानों ने 2014-15 के बाद किसी अन्य योजना के तहत समान घटक के लिए लाभ प्राप्त किया है [citation:5]।
- जिनके पास सुनिश्चित सिंचाई स्रोत नहीं है (पौधरोपण के लिए) [citation:5]।
- बिना पंजीकृत पट्टा समझौते के पट्टे पर भूमि वाले किसान [citation:5]।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- आवेदन जिला बागवानी कार्यालय में जमा करें या MIDH सुरक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करें [citation:5]।
- एक ही घटक के लिए दोबारा लाभ नहीं मिल सकता [citation:5]।
- पौध सामग्री किसी भी सरकारी फार्म/शोध स्टेशन/मान्यता प्राप्त नर्सरी से खरीदी जा सकती है [citation:5]।
- SC/ST, महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाती है [citation:2]।
- लाभार्थी को भौतिक सत्यापन के लिए तैयार रहना चाहिए [citation:5]।
🔗Related Schemes
- PM-KISAN
- PMKSY (प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना)
- RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना)
- PKVY (परंपरागत कृषि विकास योजना)
- SMAM (कृषि मशीनीकरण उप-मिशन)
📌Conclusion
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) भारत के बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक प्रमुख योजना है। 2025 में संशोधित दिशानिर्देशों के साथ, योजना ने लागत मानदंड बढ़ाए हैं और उच्च मूल्य, विदेशी और औषधीय फसलों को शामिल किया है। संरक्षित खेती, जैविक खेती, कटाई के बाद प्रबंधन और विपणन अवसंरचना जैसे घटकों के लिए 25% से 100% तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। योजना का कार्यान्वयन NHB, CDB, NBM और राज्य बागवानी मिशनों के माध्यम से किया जाता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलती है [citation:7]।
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