
Mission Vatsalya
मिशन वात्सल्य (पूर्व में एकीकृत बाल संरक्षण योजना) एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों और कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के लिए संस्थागत और गैर-संस्थागत देखभाल और संरक्षण सेवाएं प्रदान करती है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
मिशन वात्सल्य (पूर्व में एकीकृत बाल संरक्षण योजना - ICPS) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है । इसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाता है और यह किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के वैधानिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करती है ।
योजना का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि भारत के प्रत्येक बच्चे को एक स्वस्थ और खुशहाल बचपन मिले। यह बच्चों के लिए एक संवेदनशील, सहायक और समन्वित पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देती है। योजना का मूल सिद्धांत यह है कि संस्थागत देखभाल को अंतिम उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाए और पारिवारिक/गैर-संस्थागत देखभाल को प्राथमिकता दी जाए ।
योजना के तहत राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी (SCPS), राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी (SARA), जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB) जैसी सेवा वितरण संरचनाएं स्थापित की गई हैं ।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
मिशन वात्सल्य के लाभार्थी कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे हैं। पात्र श्रेणियां निम्नलिखित हैं:
- देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे: अनाथ, परित्यक्त, समर्पित बच्चे; बाल श्रमिक; सड़क पर रहने वाले बच्चे; भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चे; तस्करी/शोषित बच्चे; HIV/AIDS से प्रभावित/संक्रमित बच्चे ।
- अन्य असुरक्षित बच्चे: प्रवासी परिवारों के बच्चे, SC/ST बच्चे, कैदियों के बच्चे, वेश्यावृत्ति में लिप्त महिलाओं के बच्चे ।
- कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे: किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित बच्चे ।
नोट: यह योजना व्यक्तिगत आवेदन पर आधारित नहीं है, बल्कि बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से पहचान और हस्तक्षेप पर आधारित है।
💰Benefits
लाभ और सेवाएं
मिशन वात्सल्य के तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं:
- संस्थागत देखभाल: बाल गृह (Children's Home), निरीक्षण गृह (Observation Home), विशेष गृह (Special Home), सुरक्षित स्थान (Place of Safety) ।
- गैर-संस्थागत देखभाल: प्रायोजन (Sponsorship), पालक देखभाल (Foster Care), दत्तक ग्रहण (Adoption), आफ्टर केयर ।
- आपातकालीन सेवाएं: चाइल्डलाइन (1098) के माध्यम से 24x7 आउटरीच सेवा ।
- खुली आश्रय गृह: शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद बच्चों के लिए ।
- विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियां: अनाथ, परित्यक्त और समर्पित बच्चों के पुनर्वास के लिए ।
वित्तीय सहायता: प्रायोजन/पालक देखभाल/आफ्टर केयर के लिए प्रति बच्चा ₹4,000 प्रति माह का अनुदान राज्य सरकार को प्रदान किया जाता है ।
वर्तमान आंकड़े: 5,423 बाल देखभाल संस्थान; 92,376 बच्चे संस्थागत देखभाल में; 225,382 बच्चे प्रायोजन में; 645 बच्चे पालक देखभाल में; 5,029 दत्तक ग्रहण ।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
चूंकि मिशन वात्सल्य एक बाल संरक्षण योजना है जो बाल कल्याण समितियों (CWC) और जिला बाल संरक्षण इकाइयों (DCPU) के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है, व्यक्तिगत आवेदन के लिए विशिष्ट दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होती। बच्चे की पहचान और देखभाल की व्यवस्था बाल कल्याण समिति द्वारा की जाती है।
यदि किसी बच्चे को प्रायोजन/पालक देखभाल/दत्तक ग्रहण के लिए विचार किया जाता है, तो संबंधित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: मिशन वात्सल्य के लिए कोई सामान्य आवेदन प्रक्रिया नहीं है। यह योजना बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।
यदि आप किसी बच्चे को कठिन परिस्थिति में देखते हैं या किसी बच्चे को सहायता की आवश्यकता है:
- चाइल्डलाइन (1098) पर कॉल करें: यह 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन है ।
- स्थानीय बाल कल्याण समिति (CWC) से संपर्क करें: प्रत्येक जिले में CWC होती है जो बच्चों की देखभाल और संरक्षण के मामलों की सुनवाई करती है।
- जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से संपर्क करें: DCPU बाल संरक्षण सेवाओं का जिला स्तरीय समन्वय करती है।
- मिशन वात्सल्य पोर्टल पर जाएं: missionvatsalya.wcd.gov.in पर बच्चों और संस्थानों की जानकारी उपलब्ध है ।
🔍Check Application Status
मिशन वात्सल्य पोर्टल पर विभिन्न सेवाओं की स्थिति और आंकड़े देखे जा सकते हैं। पोर्टल पर बाल देखभाल संस्थानों, बच्चों की संख्या, प्रायोजन, पालक देखभाल, दत्तक ग्रहण आदि की जानकारी उपलब्ध है ।
💳Payment / Installment Status
प्रायोजन/पालक देखभाल/आफ्टर केयर के लिए वित्तीय सहायता राज्य सरकारों को प्रदान की जाती है, जो इसे लाभार्थियों तक पहुंचाती हैं। भुगतान की स्थिति के लिए संबंधित जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से संपर्क करें।
📅Important Dates
- 15वां वित्त आयोग चक्र: वित्तीय मानदंडों में वृद्धि की गई ।
- फरवरी 2026: NPS वात्सल्य योजना दिशानिर्देश प्रभावी ।
- मई 2026: मिशन वात्सल्य पर बच्चों के पंजीकरण और LFA प्रक्रिया के लिए CARA द्वारा प्रक्रिया जारी ।
❌Who Is Not Eligible
मिशन वात्सल्य एक व्यापक बाल संरक्षण योजना है, इसलिए इसमें कोई विशेष बहिष्करण नहीं है। यह सभी कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध है।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- बाल देखभाल संस्थानों (CCIs) का किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 41 के तहत अनिवार्य पंजीकरण आवश्यक है ।
- बाल कल्याण समितियों (CWC) को हर महीने कम से कम दो निरीक्षण करने होते हैं ।
- राज्य सरकारें हर तीन महीने में निरीक्षण समितियों के माध्यम से संस्थानों का निरीक्षण करती हैं ।
- चाइल्डलाइन (1098) बच्चों के लिए 24x7 आपातकालीन सेवा है।
- ट्रैकचाइल्ड पोर्टल और खोया-पाया ऐप को एकीकृत मिशन वात्सल्य पोर्टल के साथ जोड़ा गया है ।
🔗Related Schemes
- मिशन शक्ति (महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण)
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
- चाइल्डलाइन (1098)
- NPS वात्सल्य (बच्चों के लिए पेंशन योजना)
📌Conclusion
मिशन वात्सल्य कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के लिए भारत सरकार की एक व्यापक बाल संरक्षण योजना है। यह किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के वैधानिक ढांचे के तहत संस्थागत और गैर-संस्थागत दोनों प्रकार की देखभाल सेवाएं प्रदान करती है । योजना का दर्शन यह है कि बच्चों को उनके परिवार और समुदाय में ही देखभाल मिले, और संस्थागत देखभाल केवल अंतिम उपाय हो । वर्तमान में 5,423 बाल देखभाल संस्थान, 2.25 लाख से अधिक प्रायोजन लाभार्थी, और 645 पालक देखभाल मामले इस योजना के अंतर्गत हैं ।
🚀 Ready to Apply?
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❓Frequently Asked Questions
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