
National Mission on Edible Oils – Oilseeds
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-Oilseeds) तिलहन उत्पादन बढ़ाकर खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए 3 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है। यह 2024-25 से 2030-31 तक ₹10,103 करोड़ के परिव्यय के साथ लागू है और मुफ्त बीज, प्रशिक्षण, तथा तेल मिलों के लिए सब्सिडी प्रदान करती है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-Oilseeds) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 3 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देकर खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है ।
यह मिशन 2024-25 से 2030-31 तक सात वर्षों की अवधि के लिए ₹10,103 करोड़ के परिव्यय के साथ लागू किया जा रहा है। मिशन का लक्ष्य प्राथमिक तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन (2022-23) से बढ़ाकर 69.7 मिलियन टन (2030-31) करना, तिलहन क्षेत्र को 40 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना और उत्पादकता को 2,112 किग्रा/हेक्टेयर तक सुधारना है ।
मिशन का कार्यान्वयन क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से किया जाता है, जिसमें 347 जिलों में 600 से अधिक वैल्यू चेन क्लस्टर्स विकसित किए जा रहे हैं, जो सालाना 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को कवर करेंगे। ये क्लस्टर्स FPO, सहकारी समितियों और अन्य एजेंसियों द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं ।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
NMEO-Oilseeds के तहत निम्नलिखित लाभार्थी पात्र हैं:
- किसान: सभी श्रेणियों के तिलहन उत्पादक किसान।
- भूमि: किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। मुफ्त बीज वितरण के लिए अधिकतम 1 हेक्टेयर प्रति किसान की सीमा है ।
- वैल्यू चेन क्लस्टर: किसान को निर्धारित वैल्यू चेन क्लस्टर में शामिल होना होगा।
- सहभागिता: किसान को अच्छी कृषि पद्धतियों (GAP) का प्रशिक्षण लेना और बीज, उर्वरक आदि के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
💰Benefits
लाभ और सहायता
NMEO-Oilseeds के तहत प्रदान किए जाने वाले प्रमुख लाभ:
- निःशुल्क बीज वितरण: वैल्यू चेन क्लस्टर्स में किसानों को नवीनतम उच्च उपज वाली किस्मों के निःशुल्क बीज, प्रति किसान अधिकतम 1 हेक्टेयर तक। 2025-26 में 13.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया, जो 10 लाख हेक्टेयर के वार्षिक लक्ष्य से अधिक है ।
- तेल मिलों के लिए सब्सिडी: 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाइयों और तिलहन प्रसंस्करण के लिए मशीनरी एवं उपकरण पर परियोजना लागत का 33% या अधिकतम ₹9.90 लाख प्रति इकाई की सहायता। 2025-26 में 400 तेल मिलों को मंजूरी दी गई ।
- बीज हब और भंडारण इकाइयां: 60 बीज हब और 50 विशेष बीज भंडारण इकाइयां सार्वजनिक क्षेत्र में स्थापित की जा रही हैं ।
- प्रशिक्षण: किसानों को अच्छी कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण, ₹30,000 प्रति प्रशिक्षण (40 किसानों के बैच के लिए 2 दिन) ।
- मृदा परीक्षण: ₹110 प्रति मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सब्सिडी दर पर सहायता ।
- प्रदर्शन: फ्रंटलाइन प्रदर्शन (FLD), क्लस्टर फ्रंटलाइन प्रदर्शन (CFLD) और ब्लॉक-स्तरीय प्रदर्शन (BLD) के माध्यम से उत्पादकता में सुधार ।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी)
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- वैल्यू चेन क्लस्टर में पंजीकरण का प्रमाण
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: NMEO-Oilseeds के तहत आवेदन वैल्यू चेन पार्टनर्स (FPO, सहकारी समितियों) के माध्यम से किए जाते हैं।
- क्लस्टर की पहचान: अपने क्षेत्र में संचालित वैल्यू चेन क्लस्टर की जानकारी प्राप्त करें।
- पंजीकरण: वैल्यू चेन पार्टनर (FPO/सहकारी समिति) के माध्यम से अपना पंजीकरण कराएं।
- बीज प्राप्त करें: पंजीकरण के बाद, निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाले बीज प्राप्त करें (अधिकतम 1 हेक्टेयर तक)।
- प्रशिक्षण लें: अच्छी कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षण में भाग लें।
- फसल उगाएं और बेचें: तिलहन की खेती करें और MSP पर खरीद के लिए PM-AASHA के तहत पंजीकरण कराएं।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति और योजना की जानकारी के लिए संबंधित वैल्यू चेन पार्टनर या राज्य कृषि विभाग से संपर्क करें। मिशन की प्रगति की निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाती है ।
💳Payment / Installment Status
सब्सिडी और सहायता का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जाता है। तेल मिलों के लिए सब्सिडी परियोजना पूरी होने और सत्यापन के बाद जारी की जाती है ।
📅Important Dates
- 3 अक्टूबर 2024: NMEO-Oilseeds को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी।
- 2024-25 से 2030-31: मिशन की कार्यान्वयन अवधि।
- 2025-26: 13.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में निःशुल्क बीज वितरण।
❌Who Is Not Eligible
NMEO-Oilseeds के तहत कोई विशेष बहिष्करण नहीं है। यह सभी तिलहन उत्पादक किसानों के लिए खुला है जो वैल्यू चेन क्लस्टर्स में शामिल होने के इच्छुक हैं।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- मिशन का कार्यान्वयन वैल्यू चेन क्लस्टर्स के माध्यम से किया जाता है; व्यक्तिगत आवेदन संभव नहीं है।
- निःशुल्क बीज वितरण प्रति किसान अधिकतम 1 हेक्टेयर तक सीमित है ।
- तेल मिलों के लिए सब्सिडी 10 टन क्षमता की इकाइयों के लिए उपलब्ध है ।
- MSP पर खरीद PM-AASHA के तहत सुनिश्चित की जाती है ।
- मिशन का लक्ष्य 2030-31 तक घरेलू खाद्य तेल उत्पादन को 25.45 मिलियन टन तक बढ़ाना है, जो अनुमानित घरेलू मांग का लगभग 72% होगा ।
🔗Related Schemes
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (NMEO-OP)
- प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA)
- कृषि अवसंरचना कोष (AIF)
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
📌Conclusion
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-Oilseeds) भारत को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ₹10,103 करोड़ के परिव्यय और सात वर्षों की कार्यान्वयन अवधि के साथ, यह मिशन तिलहन उत्पादन को 39 मिलियन टन से बढ़ाकर 69.7 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखता है । वैल्यू चेन क्लस्टर्स, निःशुल्क बीज वितरण, तेल मिलों के लिए सब्सिडी और किसानों के प्रशिक्षण के माध्यम से, यह मिशन किसानों की आय बढ़ाने और देश की खाद्य तेल सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2025-26 में 13.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में निःशुल्क बीज वितरण और 400 तेल मिलों की मंजूरी इस मिशन की तेज प्रगति को दर्शाती है ।
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