
Palna Scheme (Anganwadi cum Creche)
पालना योजना (पूर्व में राष्ट्रीय क्रेच योजना) 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए दिन में देखभाल की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना कामकाजी माताओं को सशक्त बनाने और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक विकास को सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2022 से लागू है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
पालना योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 1 अप्रैल 2022 से लागू किया गया है। यह मिशन शक्ति के 'सामर्थ्य' वर्टिकल का एक घटक है। योजना का उद्देश्य 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में दिन में देखभाल (डे-केयर) की सुविधा प्रदान करना है ।
यह योजना पहले राष्ट्रीय क्रेच योजना के नाम से जानी जाती थी, जिसे 2022 में पुनर्गठित करके पालना योजना का नाम दिया गया। योजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक विकास, वृद्धि निगरानी और टीकाकरण सुनिश्चित करना है ।
पालना योजना का एक प्रमुख उद्देश्य माताओं को सशक्त बनाना है ताकि वे बच्चों की देखभाल की चिंता के बिना लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें। यह योजना सभी माताओं को उनकी रोजगार स्थिति की परवाह किए बिना क्रेच सुविधा प्रदान करती है ।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- बच्चे की आयु 6 महीने से 6 साल के बीच होनी चाहिए ।
- योजना सभी माताओं के बच्चों के लिए उपलब्ध है, चाहे माता कामकाजी हो या न हो ।
- बच्चे को पालना क्रेच केंद्र में नामांकित कराना होगा।
नोट: यह योजना मांग-आधारित है और इसके लिए कोई विशेष आय सीमा या जाति श्रेणी की शर्त नहीं है।
💰Benefits
लाभ और सेवाएं
पालना योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाएं :
- दिन में देखभाल: सोने की सुविधा सहित दिन में देखभाल।
- प्रारंभिक उत्तेजना: 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रारंभिक मानसिक/शारीरिक उत्तेजना गतिविधियाँ।
- पूर्व-विद्यालय शिक्षा: 3 से 6 साल के बच्चों के लिए पूर्व-विद्यालय शिक्षा।
- पूरक पोषण: स्थानीय रूप से प्राप्त पूरक पोषण।
- वृद्धि निगरानी और स्वास्थ्य: वृद्धि निगरानी, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण, पोषण 2.0 के साथ अभिसरण में।
क्रेच के प्रकार: पालना योजना के तहत दो प्रकार की क्रेच हैं - आंगनवाड़ी सह क्रेच (AWCC) और स्टैंडअलोन क्रेच।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
क्रेच में नामांकन के लिए सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (आयु प्रमाण के लिए)
- माता/पिता का पहचान प्रमाण (आधार कार्ड)
- निवास प्रमाण
- बच्चे का टीकाकरण कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो (बच्चे और माता-पिता की)
नोट: विशिष्ट दस्तावेजों की आवश्यकता संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और क्रेच केंद्र के अनुसार भिन्न हो सकती है।
📝How to Apply
नामांकन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: पालना योजना के लिए कोई केंद्रीकृत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं है। नामांकन सीधे क्रेच केंद्र या संबंधित जिला कार्यालय के माध्यम से किया जाता है ।
- निकटतम क्रेच केंद्र का पता लगाएं: अपने जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय (DCPU/WCD) या निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करें ।
- क्रेच केंद्र से संपर्क करें: संबंधित क्रेच केंद्र के प्रभारी (क्रेच वर्कर/हेल्पर) से मिलें।
- उपलब्ध सीटों की जांच करें: सुनिश्चित करें कि क्रेच में आपके बच्चे के लिए स्थान उपलब्ध है।
- आवश्यक दस्तावेज जमा करें: बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता के पहचान प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
- नामांकन पूरा करें: नामांकन के बाद बच्चा क्रेच सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
🔍Check Application Status
योजना की समग्र प्रगति और राज्यवार आंकड़ों की जानकारी मिशन शक्ति पोर्टल (missionshakti.wcd.gov.in) पर उपलब्ध है।
💳Payment / Installment Status
इस योजना में सीधा नकद भुगतान नहीं किया जाता। लाभार्थियों को क्रेच केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
📅Important Dates
- 1 अप्रैल 2022: पालना योजना का शुभारंभ (पूर्व राष्ट्रीय क्रेच योजना का पुनर्गठन) ।
- 2024: क्रेच स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम मानक और प्रोटोकॉल जारी ।
- 15वां वित्त चक्र (2025-26 तक): 17,000 आंगनवाड़ी सह क्रेच (AWCC) स्थापित करने का लक्ष्य ।
❌Who Is Not Eligible
पालना योजना एक सार्वभौमिक योजना है, इसलिए कोई विशेष बहिष्करण नहीं है। यह सभी माताओं के 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए उपलब्ध है ।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- पालना योजना के तहत क्रेच सुविधा सभी माताओं को उनकी रोजगार स्थिति की परवाह किए बिना प्रदान की जाती है ।
- क्रेच का समय राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तय किया जाता है, लेकिन यह कामकाजी माताओं के लिए सुविधाजनक होना चाहिए ।
- योजना का क्रियान्वयन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा किया जाता है ।
- वित्तीय साझेदारी: सामान्य राज्यों के लिए 60:40, पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी राज्यों के लिए 90:10, और विधानमंडल रहित UT के लिए 100% केंद्रीय ।
- आंगनवाड़ी सह क्रेच (AWCC) में क्रेच वर्कर और क्रेच हेल्पर के अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं ।
🔗Related Schemes
- मिशन शक्ति (सामर्थ्य वर्टिकल)
- मिशन वात्सल्य
- पोषण 2.0
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
📌Conclusion
पालना योजना (पूर्व में राष्ट्रीय क्रेच योजना) महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में दिन में देखभाल की सुविधा प्रदान करती है, जिससे माताएं बिना चिंता के लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें। योजना का उद्देश्य बाल देखभाल को औपचारिक रूप देना और 'सभ्य कार्य अभियान' को बढ़ावा देना है । वर्तमान में देश भर में 4,172 आंगनवाड़ी सह क्रेच (AWCC) कार्यरत हैं ।
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❓Frequently Asked Questions
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