Govt Benefit
Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan

Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान
🌾 Farmer Support● Active

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक मूल्य समर्थन योजना है। यह मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS), बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) को एकीकृत करती है।

📅 Launched
12 Sept 2018

📋 Quick Facts

Scope
🌍 Country-wide
Type
🌾 Farmer Support
Status
Active
Ministry
Ministry of Agriculture and Farmers Welfare
Launched
12 Sept 2018
Apply Via
Online

📄About This Scheme

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) सितंबर 2018 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक व्यापक मूल्य-समर्थन योजना है[citation:2]। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और उन्हें बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान संकट में बिक्री से बचाना है[citation:2]।

यह योजना एक अम्ब्रेला योजना के रूप में कार्य करती है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के कार्यान्वयन को मजबूत करने और किसानों की आय को स्थिर करने के लिए कई तंत्रों को एक साथ लाती है[citation:2]। योजना को 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के लिए बढ़ाया गया है और सितंबर 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इसके एकीकृत रूप को मंजूरी दी गई है[citation:5][citation:16]।

PM-AASHA का कार्यान्वयन मुख्य रूप से दालों, तिलहनों और खोपरा के लिए किया जाता है, और यह राज्य सरकारों के अनुरोध पर लागू होती है जब बाजार भाव MSP से नीचे गिर जाता है[citation:5]।

✅Eligibility Criteria

📊 Eligibility at a Glance
Occupation
Farmer
Beneficiary
SC / ST, Women, BPL Families
Residence
Rural
Caste Category
General, OBC, SC, ST
Land Required
Yes

पात्रता मानदंड

  • किसान: सभी पंजीकृत किसान जिनके पास वैध भूमि रिकॉर्ड है, पात्र हैं[citation:2]।
  • फसलें: अधिसूचित दालें, तिलहन और खोपरा PSS के लिए पात्र हैं; PDPS के लिए अधिसूचित तिलहन फसलें पात्र हैं[citation:5]।
  • गुणवत्ता: उपज को निर्धारित फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) मानकों का पालन करना चाहिए[citation:5]।
  • पंजीकरण: किसानों को खरीद केंद्रों पर या ऑनलाइन पोर्टल (जैसे e-Samriddhi) पर पहले से पंजीकरण कराना आवश्यक है[citation:7]।

💰Benefits

Type
Other
Frequency
One-time
Payment Method
Bank Transfer (DBT)

लाभ और सहायता

PM-AASHA के तहत चार प्रमुख घटकों के माध्यम से लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • मूल्य समर्थन योजना (PSS): जब बाजार भाव MSP से नीचे गिरता है, तो NAFED और NCCF जैसी एजेंसियां सीधे पंजीकृत किसानों से MSP पर खरीद करती हैं। यह किसानों को संकट में बिक्री से बचाती है और आय स्थिरता सुनिश्चित करती है[citation:2]।
  • मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS): इसमें भौतिक खरीद नहीं होती। किसानों को MSP और बाजार मूल्य के बीच का अंतर MSP मूल्य के 15% तक सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जाता है। यह मुख्य रूप से तिलहन के लिए उपयोग की जाती है[citation:2][citation:9]।
  • बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS): यह योजना उन बागवानी फसलों के लिए है जिनके लिए MSP लागू नहीं है, जैसे टमाटर, प्याज और आलू। जब इन फसलों के बाजार मूल्य में पिछले सामान्य मौसम की तुलना में 10% से अधिक की गिरावट आती है, तो सरकार हस्तक्षेप करती है[citation:2][citation:20]।
  • मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF): यह घटक उपभोक्ताओं को कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाने और आवश्यक वस्तुओं को किफायती मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए बफर स्टॉक बनाए रखता है। इसे उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रबंधित किया जाता है[citation:2][citation:5]।

प्रमुख उपलब्धियां: अक्टूबर 2025 तक, PM-AASHA के तहत 1.27 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाया गया है[citation:12]।

📋Documents Required

आवश्यक दस्तावेज

PM-AASHA के तहत पंजीकरण और लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • आधार कार्ड
  • भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी) - वैध भूमि स्वामित्व का प्रमाण
  • बैंक खाता विवरण (आधार-लिंक्ड)
  • मोबाइल नंबर (पंजीकरण और सूचनाओं के लिए)
  • फसल विवरण (बुवाई का प्रमाण)

📝How to Apply

📱 Application Mode
Online
🔗 Apply Online
Go to Portal →

आवेदन प्रक्रिया

महत्वपूर्ण: PM-AASHA के तहत आवेदन राज्य सरकारों के अनुरोध पर खरीद संचालन शुरू होने पर किए जाते हैं। किसानों को पहले पंजीकरण कराना आवश्यक है।

  1. पंजीकरण: किसान NAFED के e-Samriddhi पोर्टल या NCCF के e-Samukti पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। आधार नंबर, भूमि रिकॉर्ड, बैंक खाता विवरण और फसल विवरण प्रदान करना आवश्यक है[citation:7]।
  2. खरीद केंद्र का चयन: पंजीकृत किसान निकटतम खरीद केंद्र का चयन कर सकते हैं और पोर्टल द्वारा निर्धारित तिथि पर केंद्र पर जा सकते हैं[citation:7]।
  3. उपज की बिक्री: किसान अपनी उपज निर्धारित खरीद केंद्र पर ले जाकर MSP पर बेच सकते हैं।
  4. भुगतान: MSP के अनुसार भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जाता है[citation:7]।

🔍Check Application Status

किसान अपने पंजीकरण की स्थिति और भुगतान की जानकारी NAFED के e-Samriddhi पोर्टल या NCCF के e-Samukti पोर्टल पर लॉग इन करके देख सकते हैं। इसके अलावा, संबंधित राज्य कृषि विभाग या जिला कृषि कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है[citation:7]।

💳Payment / Installment Status

MSP पर खरीद का भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाता है। PDPS के तहत, MSP और बाजार मूल्य के बीच का अंतर भी सीधे किसान के खाते में भेजा जाता है[citation:7][citation:9]।

📅Important Dates

Launched
12 September 2018
Closing Date
31 March 2026
  • सितंबर 2018: PM-AASHA का शुभारंभ
  • 2021-22 से 2025-26: 15वें वित्त आयोग चक्र में योजना का कार्यान्वयन
  • सितंबर 2024: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एकीकृत PM-AASHA को मंजूरी
  • अक्टूबर 2025 तक: 1.27 करोड़ किसानों को लाभ

❌Who Is Not Eligible

PM-AASHA के तहत कोई विशेष बहिष्करण नहीं है। हालांकि, PDPS के लिए, किसानों को राज्य द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिसूचित बाजार यार्ड में अपनी उपज बेचनी होती है और बिक्री की रसीद प्रदान करनी होती है[citation:4][citation:8]।

⚠️Important Instructions

महत्वपूर्ण निर्देश

  • राज्य-विशिष्ट योजना: PM-AASHA राज्य सरकारों के अनुरोध पर लागू की जाती है। सभी राज्यों में सभी फसलों के लिए खरीद संचालन उपलब्ध नहीं है[citation:5]।
  • पंजीकरण अनिवार्य: खरीद केंद्रों पर उपज बेचने से पहले किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है।
  • FAQ मानक: उपज को निर्धारित फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) मानकों का पालन करना चाहिए[citation:5]।
  • खरीद सीमा: 2024-25 से, PSS के तहत खरीद राज्य के उत्पादन के 25% तक सीमित है, जिसे राष्ट्रीय उत्पादन के 25% तक बढ़ाया जा सकता है। तूर, उड़द और मसूर के लिए 100% खरीद की अनुमति है[citation:2][citation:5]।
  • PDPS की सीमा: PDPS के तहत भुगतान MSP मूल्य के 15% तक सीमित है[citation:2][citation:4]।

📌Conclusion

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जो किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और बाजार जोखिमों से बचाने के लिए कई मूल्य-समर्थन तंत्रों को एक साथ लाती है। PSS, PDPS, MIS और PSF के एकीकृत रूप में यह योजना किसानों को MSP की गारंटी देती है, जबकि उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी स्थिर रखती है। अक्टूबर 2025 तक 1.27 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने वाली यह योजना कृषि क्षेत्र में आय सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा दोनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है[citation:12]।

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