Govt Benefit
Rashtriya Gokul Mission

Rashtriya Gokul Mission

राष्ट्रीय गोकुल मिशन
🐄 Livestock Support● Active

राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) देशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए दिसंबर 2014 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका उद्देश्य आधुनिक प्रजनन तकनीकों जैसे कृत्रिम गर्भाधान, आईवीएफ और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से दूध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना है।

💰 Benefit
₹2,00,00,000 / one-time
📅 Launched
1 Dec 2014

📋 Quick Facts

Scope
🌍 Country-wide
Type
🐄 Livestock Support
Status
Active
Ministry
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Benefit
₹2,00,00,000 / One-time
Launched
1 Dec 2014
Apply Via
Government Office

📄About This Scheme

राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसे दिसंबर 2014 में देशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए शुरू किया गया था [citation:7]।

मिशन का मुख्य लक्ष्य देशी गोवंशीय नस्लों की आनुवंशिक उन्नति करना और दूध उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाना है। यह आधुनिक प्रजनन तकनीकों जैसे कृत्रिम गर्भाधान (AI), सेक्स-सॉर्टेड सीमेन, आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) और जीनोमिक्स के उपयोग को बढ़ावा देता है [citation:2]।

योजना पूरे देश में लागू है और इसे राज्य पशुधन विकास बोर्ड, राज्य दुग्ध संघ, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB), ICAR और इसके संस्थानों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है [citation:3]।

✅Eligibility Criteria

📊 Eligibility at a Glance
Occupation
Farmer, Self-Employed, Business Owner
Beneficiary
SC / ST, Women, BPL Families
Residence
Rural
Caste Category
General, OBC, SC, ST

पात्रता मानदंड

RGM के विभिन्न घटकों के लिए पात्रता भिन्न होती है:

  • नस्ल गुणन फार्म: निजी व्यक्ति, SHG, FPO, FCO, JLG और धारा 8 कंपनियां पात्र हैं। उद्यमी के पास पशु प्रजनन या पालन का उचित अनुभव होना चाहिए [citation:1]।
  • आईवीएफ लाभार्थी: डेयरी किसान जो आईवीएफ तकनीक अपनाने में रुचि रखते हैं, संबंधित दुग्ध संघ या NDDB के साथ पंजीकरण करा सकते हैं [citation:1]।
  • राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम: सभी डेयरी किसान जाति, वर्ग और लिंग निरपेक्ष पात्र हैं [citation:3]।
  • सेक्स-सॉर्टेड सीमेन: भाग लेने वाले किसान 50% सब्सिडी के पात्र हैं [citation:2]।

💰Benefits

Type
Subsidy
Amount
₹2,00,00,000
Frequency
One-time
Payment Method
Bank Transfer (DBT)

लाभ और सब्सिडी

RGM के तहत प्रदान किए जाने वाले प्रमुख लाभ:

  • राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (NAIP): 50% से कम AI कवरेज वाले जिलों में किसानों के दरवाजे पर मुफ्त AI सेवाएं। इससे लगभग 1.5 करोड़ किसानों को लाभ होने और तीन साल बाद किसानों की आय में सालाना ₹21,500 की वृद्धि का अनुमान है [citation:3]।
  • नस्ल गुणन फार्म: पात्र उद्यमियों को परियोजना की पूंजीगत लागत का 50% सब्सिडी, अधिकतम ₹2.00 करोड़ तक [citation:1][citation:11]।
  • आईवीएफ तकनीक: सुनिश्चित गर्भावस्था पर किसानों को ₹5,000 प्रति गर्भावस्था का प्रोत्साहन (प्रति लाभार्थी 1 मादा बछड़े के उत्पादन तक सीमित) [citation:1]।
  • सेक्स-सॉर्टेड सीमेन: भाग लेने वाले किसानों को सेक्स-सॉर्टेड सीमेन की लागत का 50% तक सब्सिडी [citation:2]।
  • देशी नस्लों का संरक्षण: गोकुल ग्राम और राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्रों की स्थापना के माध्यम से देशी नस्लों का संरक्षण [citation:11]।

प्रमुख उपलब्धियां (2014-15 से 2023-24): गोवंश उत्पादकता 1640 किलोग्राम से 2072 किलोग्राम/वर्ष (26.34% वृद्धि), देशी/गैर-वर्णित गोवंश उत्पादकता 927 किलोग्राम से 1292 किलोग्राम/वर्ष (39.37% वृद्धि), दूध उत्पादन 146.31 मिलियन टन से 239.30 मिलियन टन (63.55% वृद्धि) [citation:5]।

📋Documents Required

आवश्यक दस्तावेज

RGM के तहत आवेदन के लिए सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • भूमि दस्तावेज (यदि लागू हो)
  • पशुधन प्रजनन/पालन का अनुभव प्रमाण
  • परियोजना रिपोर्ट (नस्ल गुणन फार्म के लिए)
  • पंजीकरण प्रमाणपत्र (FPO/SHG/कंपनी के लिए)
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

📝How to Apply

📱 Application Mode
Government Office

आवेदन प्रक्रिया

महत्वपूर्ण: RGM के लिए आवेदन प्रक्रिया घटक के अनुसार भिन्न होती है।

  1. नस्ल गुणन फार्म: इच्छुक उद्यमी संबंधित राज्य पशुधन विकास बोर्ड या DAHD को परियोजना प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। राज्य सरकार के माध्यम से DAHD को प्रस्ताव भेजा जाता है [citation:2]।
  2. आईवीएफ लाभार्थी: इच्छुक किसान संबंधित दुग्ध संघ या NDDB के साथ पंजीकरण करा सकते हैं [citation:1]।
  3. राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान: यह कार्यक्रम राज्य पशुधन विकास बोर्ड या संबंधित एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है, किसानों को सीधे आवेदन की आवश्यकता नहीं होती।

आवेदन स्थान: राज्य पशुधन विकास बोर्ड, राज्य दुग्ध संघ, NDDB, ICAR संस्थान, या DAHD की आधिकारिक वेबसाइट (dahd.gov.in) [citation:6]।

🔍Check Application Status

RGM की प्रगति और परियोजना की स्थिति के लिए संबंधित राज्य पशुधन विकास बोर्ड या DAHD से संपर्क करें। आधिकारिक वेबसाइट dahd.gov.in पर भी जानकारी उपलब्ध हो सकती है।

💳Payment / Installment Status

सब्सिडी का भुगतान संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी (राज्य पशुधन विकास बोर्ड, दुग्ध संघ, NDDB आदि) के माध्यम से किया जाता है। भुगतान की स्थिति के लिए संबंधित एजेंसी से संपर्क करें।

📅Important Dates

Launched
1 December 2014
Closing Date
30 September 2026
  • दिसंबर 2014: RGM का शुभारंभ [citation:7]।
  • 2021-22 से 2025-26: संशोधित और पुनर्गठित RGM की अवधि [citation:3]।
  • अप्रैल 2026: RGM को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया, ₹800 करोड़ के आवंटन के साथ [citation:2]।

❌Who Is Not Eligible

RGM के विभिन्न घटकों के लिए विशिष्ट बहिष्करण हो सकते हैं। आवेदन से पहले संबंधित घटक के दिशानिर्देशों की जांच करें। सामान्यतः, जिन किसानों ने अन्य सरकारी योजनाओं के तहत समान लाभ प्राप्त किया है, वे कुछ घटकों के लिए अपात्र हो सकते हैं।

⚠️Important Instructions

महत्वपूर्ण निर्देश

  • RGM मुख्य रूप से देशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण और विकास पर केंद्रित है।
  • योजना के अधिकांश घटकों के लिए 100% अनुदान सहायता प्रदान की जाती है, सिवाय कुछ घटकों के जैसे सेक्स-सॉर्टेड सीमेन, आईवीएफ और नस्ल गुणन फार्म [citation:2]।
  • आवेदन राज्य सरकार के माध्यम से DAHD को भेजे जाते हैं [citation:2]।
  • नस्ल गुणन फार्म के लिए उद्यमी को उपयुक्त भूमि की व्यवस्था करनी होती है [citation:1]।
  • राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत किसानों को मुफ्त AI सेवाएं प्रदान की जाती हैं [citation:3]।

📌Conclusion

राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) देशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। 2014 में शुरू होने के बाद से, इस मिशन ने देशी गोवंश की उत्पादकता में 39.37% की वृद्धि और देश के कुल दूध उत्पादन में 63.55% की वृद्धि में योगदान दिया है [citation:5]। योजना के तहत नस्ल गुणन फार्म पर 50% पूंजी सब्सिडी, आईवीएफ तकनीक पर प्रोत्साहन, और मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और देश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

❓Frequently Asked Questions