
Rashtriya Krishi Vikas Yojana
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में समग्र विकास के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसे 2022-23 से 'कैफेटेरिया योजना' के रूप में पुनर्गठित किया गया है, जिसमें राज्यों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार धन आवंटित करने की सुविधा है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) को 2007-08 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 4% वार्षिक वृद्धि दर प्राप्त करने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य राज्यों को कृषि विकास योजनाओं को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अधिक समावेशी और एकीकृत विकास के लिए लचीलापन प्रदान करना है।
योजना को 2017-18 में RKVY-RAFTAAR के रूप में पुनर्गठित किया गया, और 2022-23 से इसे 'कैफेटेरिया योजना' के रूप में लागू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि राज्यों को अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर घटकों के बीच धन आवंटित करने की सुविधा है।
योजना के तहत धनराशि का उपयोग विभिन्न कृषि और संबद्ध क्षेत्रों जैसे फसल विकास, बागवानी, कृषि मशीनीकरण, विपणन, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, जैविक खेती, अनुसंधान और विस्तार के लिए किया जाता है।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
RKVY एक राज्य-योजना है, और इसके घटकों के अनुसार पात्रता भिन्न होती है। सामान्यतः:
- किसान: सभी श्रेणियों के किसान (लघु, सीमांत, SC/ST, महिला) पात्र हैं।
- कृषि-उद्यमी और स्टार्टअप: कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप 'Innovation and Agri-Entrepreneurship' घटक के लिए पात्र हैं।
- FPO/SHG: किसान उत्पादक संगठन और स्वयं सहायता समूह भी पात्र हैं।
- राज्य सरकारें: राज्य कृषि विभाग AAP तैयार करके धनराशि का उपयोग करते हैं।
स्टार्टअप के लिए विशेष पात्रता: Idea/Pre-Seed स्तर पर ₹5 लाख तक और Seed स्तर पर ₹25 लाख तक की सहायता उपलब्ध है।
💰Benefits
लाभ और सहायता
RKVY के तहत विभिन्न घटकों के माध्यम से लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- कृषि मशीनीकरण: SMAM के तहत कृषि यंत्रों पर 40-50% सब्सिडी।
- सूक्ष्म सिंचाई: PDMC के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर सब्सिडी।
- जैविक खेती: PKVY के तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर (3 वर्षों में)।
- मिट्टी स्वास्थ्य: SH&F के तहत मिट्टी परीक्षण और पोषक तत्व प्रबंधन।
- कृषि-स्टार्टअप: 'Innovation and Agri-Entrepreneurship' के तहत Idea/Pre-Seed के लिए ₹5 लाख और Seed के लिए ₹25 लाख तक की सहायता।
- बुनियादी ढांचा: DPR घटक के तहत फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे का निर्माण।
वित्त पोषण पैटर्न: सामान्य राज्यों के लिए 60:40 (केंद्र:राज्य), पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्रीय।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
RKVY के लिए व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह राज्यों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है। हालांकि, घटक योजनाओं (जैसे SMAM, PKVY) के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है:
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी)
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- परियोजना रिपोर्ट (DPR के लिए)
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: RKVY के लिए व्यक्तिगत किसान सीधे आवेदन नहीं करते। यह राज्य सरकारों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।
- राज्य स्तर पर AAP तैयार करना: राज्य कृषि विभाग वार्षिक कार्य योजना (AAP) तैयार करता है।
- प्रस्तुति: राज्य कृषि सचिव द्वारा भारत सरकार को AAP प्रस्तुत किया जाता है।
- अनुमोदन: राज्य स्तरीय मंजूरी समिति (SLSC) द्वारा AAP को अनुमोदित किया जाता है।
- कार्यान्वयन: राज्य सरकारों द्वारा घटक योजनाओं के माध्यम से धनराशि का उपयोग किया जाता है।
स्टार्टअप के लिए: 'Innovation and Agri-Entrepreneurship' कार्यक्रम के लिए, स्टार्टअप RKVY Agribusiness Incubators (R-ABIs) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
🔍Check Application Status
RKVY की प्रगति की निगरानी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा की जाती है। राज्यों को जारी धनराशि और उपयोग की जानकारी संबंधित राज्य कृषि विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
💳Payment / Installment Status
RKVY के तहत धनराशि राज्य सरकारों को जारी की जाती है, जो इसे घटक योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाती हैं। व्यक्तिगत भुगतान की जानकारी संबंधित राज्य कृषि विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
📅Important Dates
- 29 मई 2007: RKVY का शुभारंभ।
- 2017-18: RKVY-RAFTAAR के रूप में पुनर्गठन।
- 2022-23: कैफेटेरिया योजना के रूप में पुनर्गठन।
- 2 अक्टूबर 2024: कैबिनेट द्वारा PM-RKVY और Krishonnati Yojana को मंजूरी।
- 2021-22 से 2025-26: 15वें वित्त आयोग की अवधि।
❌Who Is Not Eligible
अपात्र श्रेणियां:
- जो राज्य अपनी कृषि योजना expenditure बनाए नहीं रखते।
- जो किसान RKVY के घटकों की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते।
- शहरी क्षेत्रों के गैर-कृषि उपभोक्ता।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- RKVY एक राज्य-योजना है; राज्यों को योजना बनाने और निष्पादित करने में लचीलापन है।
- राज्यों को घटकों के बीच धन आवंटित करने की सुविधा है।
- धनराशि का उपयोग फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे, मशीनीकरण, सिंचाई, जैविक खेती आदि के लिए किया जाता है।
- स्टार्टअप को Idea/Pre-Seed के लिए ₹5 लाख और Seed के लिए ₹25 लाख तक की सहायता दी जाती है।
🔗Related Schemes
- PM-KISAN
- PMFBY (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना)
- Kisan Credit Card (KCC)
- PM-KUSUM
- National Mission on Natural Farming (NMNF)
📌Conclusion
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) भारत के कृषि क्षेत्र में समग्र विकास लाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। 2007-08 में शुरू होने के बाद से, इसे कई बार पुनर्गठित किया गया है, और 2022-23 से यह एक 'कैफेटेरिया योजना' के रूप में कार्य कर रही है, जिसमें राज्यों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार धन आवंटित करने की सुविधा है। योजना के तहत कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती, मिट्टी स्वास्थ्य और कृषि-स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाता है।
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