
Sub-Mission on Agricultural Mechanization
कृषि मशीनीकरण उप-मिशन (SMAM) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो किसानों को कृषि मशीनरी और उपकरण खरीदने पर 40-50% तक सब्सिडी प्रदान करती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों तक कृषि मशीनीकरण की पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
कृषि मशीनीकरण उप-मिशन (SMAM) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (DA&FW) द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत कार्यान्वित एक केंद्र प्रायोजित योजना है [citation:4]। इसे 2014-15 में शुरू किया गया था [citation:3]।
योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि मशीनीकरण की पहुंच को छोटे और सीमांत किसानों तक बढ़ाना और उन क्षेत्रों में बढ़ावा देना है जहां कृषि शक्ति की उपलब्धता कम है [citation:4]। यह 'कस्टम हायरिंग सेंटर' (CHC) को बढ़ावा देकर छोटी जोत और कृषि मशीनों के व्यक्तिगत स्वामित्व की उच्च लागत के कारण उत्पन्न प्रतिकूल पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं को दूर करने का प्रयास करता है [citation:4]।
योजना के तहत आधुनिक कृषि मशीनरी, जिसमें सटीक कृषि उपकरण, ड्रोन और अन्य उन्नत मशीनीकरण प्रौद्योगिकियां और महिला-अनुकूल कृषि उपकरण शामिल हैं, को अपनाने को प्रोत्साहित किया जाता है [citation:4]। SMAM कृषि मशीनरी के परीक्षण और प्रमाणन, क्षमता निर्माण, प्रदर्शन और प्रशिक्षण का भी समर्थन करता है [citation:4]।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- किसान श्रेणियां: सभी किसान, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसान, महिला किसान, SC/ST किसान, FPO, SHG और ग्रामीण उद्यमी [citation:3]।
- आयु: किसान की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए [citation:11]।
- भूमि: किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी) आवश्यक है [citation:16]।
- आधार-लिंक्ड मोबाइल: किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए [citation:11]।
- बैंक खाता: आधार-लिंक्ड सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए क्योंकि सब्सिडी DBT के माध्यम से भेजी जाती है [citation:11]।
विशेष प्राथमिकता: SC/ST, लघु और सीमांत किसान, महिला किसान और पूर्वोत्तर राज्यों के किसान [citation:3]।
💰Benefits
लाभ और सब्सिडी
SMAM के तहत कृषि मशीनरी की खरीद पर 40% से 50% तक सब्सिडी प्रदान की जाती है [citation:4]।
| लाभार्थी श्रेणी | सब्सिडी दर |
|---|---|
| सामान्य किसान | 40% |
| SC/ST, लघु और सीमांत किसान, महिला किसान, पूर्वोत्तर राज्य | 50% |
अन्य घटक:
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC): ₹250 लाख तक की परियोजना लागत पर 40% तक वित्तीय सहायता [citation:4]।
- फार्म मशीनरी बैंक (FMB): ₹30 लाख तक की परियोजना लागत पर 80% तक सहायता; पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 95% [citation:4]।
- ड्रोन: ICAR संस्थानों, KVK और SAU को 100% सहायता (प्रति ड्रोन ₹10 लाख तक); FPO को 75% अनुदान [citation:3]।
- मशीनीकृत संचालन: CHC से ड्रोन और अन्य मशीनीकृत संचालन किराए पर लेने के लिए छोटे और सीमांत किसानों को ₹2,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता [citation:5]।
वित्त पोषण पैटर्न: सामान्य राज्यों के लिए 60:40 (केंद्र:राज्य), पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्रीय [citation:3][citation:5]।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड [citation:16]
- भूमि स्वामित्व दस्तावेज (खसरा/खतौनी) [citation:16]
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक [citation:16]
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) [citation:11]
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) [citation:16]
- एम्पैनल्ड विक्रेता से कोटेशन या चालान [citation:16]
- मशीन परीक्षण प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो) [citation:16]
- किसान पंजीकरण आईडी [citation:11]
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: आवेदन प्रक्रिया राज्य के अनुसार भिन्न हो सकती है। कुछ राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल हैं।
- पंजीकरण: अपने राज्य के कृषि विभाग पोर्टल पर किसान पंजीकरण करें। उदाहरण: बिहार में dbtagriculture.bihar.gov.in [citation:11]।
- आवेदन: कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर जाएं (जैसे बिहार में farmech.bihar.gov.in) और आवश्यकता अनुसार यंत्र का चयन करें [citation:11]।
- दस्तावेज अपलोड: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- जमानत राशि: कुछ राज्यों में आवेदन के समय जमानत राशि जमा करनी होती है (जैसे उत्तर प्रदेश में ₹2,500 या ₹5,000) [citation:13]।
- चयन: चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' या लॉटरी प्रणाली के आधार पर हो सकता है [citation:13][citation:17]।
- खरीद और सत्यापन: अनुमोदन के बाद एम्पैनल्ड विक्रेता से मशीन खरीदें। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के बाद सब्सिडी DBT के माध्यम से खाते में आ जाती है [citation:16]।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति राज्य के कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर लॉग इन करके देखी जा सकती है। आवेदन संदर्भ संख्या का उपयोग करके स्थिति ट्रैक की जा सकती है [citation:17]।
💳Payment / Installment Status
सब्सिडी का भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाता है [citation:1][citation:11]। मशीन के निरीक्षण और सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि जारी की जाती है।
📅Important Dates
- 2014-15: SMAM का शुभारंभ [citation:3]।
- 2025-26: उत्तर प्रदेश में आवेदन 15-29 अक्टूबर 2025 तक [citation:13]।
- 2025-26: ओडिशा के लिए ₹180.91 करोड़ का बजट आवंटित [citation:1]।
❌Who Is Not Eligible
अपात्र श्रेणियां:
- पहले से सब्सिडी प्राप्त कर चुके किसान (निर्धारित अवधि के भीतर) [citation:18]।
- जो किसान मशीन खरीदने के बाद निर्धारित लॉक-इन अवधि (3-5 वर्ष) से पहले बेच देते हैं [citation:16]।
- पुरानी/सेकंड-हैंड मशीनें सब्सिडी के लिए पात्र नहीं हैं [citation:16]।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- सब्सिडी केवल सत्यापित/एम्पैनल्ड विक्रेताओं से मशीन खरीदने पर ही मिलती है [citation:16]।
- मशीन खरीदने से पहले सब्सिडी अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है [citation:12]।
- सब्सिडी राज्य-वार बजट आवंटन के अधीन है [citation:17]।
- 30% धनराशि महिला किसानों के लिए आरक्षित है [citation:3]।
- कुछ राज्यों में एक वर्ष में 1-2 मशीनों पर ही सब्सिडी मिल सकती है [citation:16]।
🔗Related Schemes
- RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना)
- PM-KUSUM योजना
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM)
📌Conclusion
कृषि मशीनीकरण उप-मिशन (SMAM) भारत में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख योजना है। 2014-15 से 2025-26 तक, इस योजना के तहत ₹9,404.47 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई है, 21.61 लाख कृषि मशीनें वितरित की गई हैं, और 27,554 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं [citation:3]। योजना का फोकस छोटे और सीमांत किसानों, महिला किसानों, SC/ST किसानों और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों पर है। 40-50% सब्सिडी, कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से, यह योजना भारत के कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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