Govt Benefit
Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana

Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना
🐄 Livestock Support● Active

राजस्थान सरकार की एक प्रमुख पशु बीमा योजना जिसके तहत पशुपालकों को गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट का पूर्णतः निःशुल्क बीमा प्रदान किया जाता है। अधिकतम बीमा राशि ₹40,000 प्रति पशु है।

💰 Benefit
₹40,000 / annual
📅 Launched
13 Dec 2024

📋 Quick Facts

Scope
🌍 Country-wide
Type
🐄 Livestock Support
Status
Active
Benefit
₹40,000 / Annual
Launched
13 Dec 2024
Apply Via
Mobile App

📄About This Scheme

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी पशुधन बीमा योजना है, जिसे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। राजस्थान में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ है, और अचानक पशु की मृत्यु होने पर पशुपालकों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः निःशुल्क है - पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होता, बीमा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है[citation:5][citation:17]। योजना का क्रियान्वयन राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग द्वारा ट्रस्ट मोड पर किया जाता है, जबकि पशुपालन विभाग को नोडल विभाग का दायित्व दिया गया है[citation:4]।

योजना के तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट का बीमा किया जाता है। बीमा राशि का निर्धारण पशु की नस्ल, आयु और दुग्ध उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाता है, लेकिन दुधारू पशुओं के लिए अधिकतम बीमा राशि ₹40,000 और भेड़/बकरी के लिए ₹4,000 निर्धारित है[citation:6][citation:11]।

✅Eligibility Criteria

📊 Eligibility at a Glance
Occupation
Farmer, Self-Employed
Beneficiary
BPL Families, APL Families, SC / ST, OBC, Minority, Women

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • आवेदक राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के पास सक्रिय जन आधार कार्ड होना अनिवार्य है[citation:5][citation:9]।
  • पशुपालक के पास न्यूनतम 2 दुधारू पशु (गाय/भैंस) या 10 बकरियां या 10 भेड़ें या 10 ऊंट होने चाहिए[citation:1]।
  • गोपाल क्रेडिट कार्ड धारकों और लखपति दीदी समूह से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है[citation:1][citation:5]।
  • पहले से बीमित पशु दोबारा बीमा के पात्र नहीं होंगे[citation:1]।
  • पशुओं की ईयर टैगिंग (कान में टैग) अनिवार्य है, बिना टैग के बीमा नहीं होगा[citation:5]।

💰Benefits

Type
Insurance
Amount
₹40,000
Frequency
Annual
Payment Method
Bank Transfer (DBT)

इस योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालकों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • पूर्णतः निःशुल्क बीमा: पशुपालकों को कोई प्रीमियम नहीं देना होता, पूरा खर्च सरकार वहन करती है[citation:5][citation:17]।
  • बीमा राशि:
  • दुधारू गाय/भैंस: अधिकतम ₹40,000 प्रति पशु[citation:4][citation:6][citation:11]।
  • भेड़/बकरी: अधिकतम ₹4,000 प्रति पशु[citation:6]।
  • ऊंट: अधिकतम ₹40,000 प्रति ऊंट[citation:13]।
  • बीमा अवधि: एक वर्ष के लिए[citation:4]।
  • अधिकतम पशु सीमा: एक जन आधार कार्ड पर अधिकतम 2 दुधारू गाय, 2 दुधारू भैंस (या 1 गाय + 1 भैंस), 10 बकरियां, 10 भेड़ें या 10 ऊंट का बीमा कराया जा सकता है[citation:5][citation:11][citation:13]।
  • क्लेम प्रक्रिया: पशु की मृत्यु होने पर बीमा विभाग को सूचना देनी होगी, और 21 कार्य दिवस के भीतर दावा राशि का भुगतान किया जाता है[citation:4]।

📋Documents Required

योजना में पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • जन आधार कार्ड (अनिवार्य)[citation:1][citation:5]।
  • आधार कार्ड।
  • पशु की ताज़ा फोटो[citation:1]।
  • पशु का ईयर टैग नंबर[citation:1][citation:5]।
  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)[citation:1]।
  • बैंक खाता विवरण।
  • गोपाल क्रेडिट कार्ड या लखपति दीदी कार्ड (यदि लागू हो)[citation:9]।

📝How to Apply

📱 Application Mode
Mobile App
📅 Opens
1 December 2025
🔗 Apply Online
Go to Portal →

योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  1. मोबाइल ऐप: 'मंगला पशु बीमा योजना 25-26' ऐप डाउनलोड करके स्वयं पंजीकरण करें[citation:1][citation:17]।
  2. ऑनलाइन पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट mmpby.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें[citation:9][citation:17]।
  3. ई-मित्र केंद्र: नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं[citation:1][citation:17]।
  4. गांव स्तरीय शिविर: गांवों में लगने वाले विशेष शिविरों में जाकर पंजीकरण, टैगिंग, दस्तावेज सत्यापन और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करें[citation:1]।

पंजीकरण के बाद, पशु की टैगिंग की जाती है और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। पशुपालक को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से बीमा पॉलिसी का लिंक प्राप्त होता है[citation:4]। यदि आवेदन संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक हो जाती है, तो लॉटरी के आधार पर पशुपालकों का चयन किया जाता है[citation:4]।

🔍Check Application Status

बीमा पॉलिसी की स्थिति जानने के लिए:

  1. मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल mmpby.rajasthan.gov.in पर जाएं।
  2. जन आधार कार्ड नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  3. ओटीपी सत्यापित करें।
  4. बीमा पॉलिसी की स्थिति और पशुओं का विवरण देखें।

💳Payment / Installment Status

बीमा क्लेम की स्थिति जानने के लिए:

  • बीमित पशु की मृत्यु होने पर पशुपालन विभाग या बीमा विभाग को तुरंत सूचना दें।
  • सूचना के बाद बीमा विभाग द्वारा सर्वे किया जाता है।
  • सर्वे के 21 कार्य दिवस के भीतर क्लेम राशि का भुगतान पशुपालक के बैंक खाते में किया जाता है[citation:4]।
  • क्लेम राशि की जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भी प्राप्त होती है।

📅Important Dates

Launched
13 December 2024
Application Started
1 December 2025
  • योजना का शुभारंभ: दिसंबर 2024[citation:9]।
  • आवेदन की अंतिम तिथि (पहले चरण): 12 जनवरी 2025 (बाद में बढ़ाकर 22 जनवरी 2025)[citation:4][citation:9]।
  • वर्तमान आवेदन अवधि: 1 दिसंबर 2025 से प्रारंभ[citation:6]।

❌Who Is Not Eligible

निम्नलिखित श्रेणियों के पशुपालक इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:

  • जो राजस्थान के स्थायी निवासी नहीं हैं।
  • जिनके पास सक्रिय जन आधार कार्ड नहीं है।
  • जिनके पशुओं की ईयर टैगिंग नहीं हुई है।
  • जिनके पशु पहले से किसी अन्य योजना में बीमित हैं[citation:1][citation:4]।
  • जिनके पास न्यूनतम आवश्यक संख्या में पशु नहीं हैं (2 दुधारू पशु या 10 भेड़/बकरी/ऊंट)[citation:1]।

⚠️Important Instructions

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • योजना पूर्णतः निःशुल्क है, किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना है।
  • पशुओं की ईयर टैगिंग अनिवार्य है, बिना टैग के बीमा नहीं होगा[citation:5]।
  • यदि बीमित पशु का टैग किसी कारणवश गुम हो जाता है, तो बीमा विभाग को तुरंत सूचना देनी होगी[citation:4]।
  • बीमा राशि का निर्धारण पशु की नस्ल, आयु और दुग्ध उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाता है।
  • पशु की मृत्यु होने पर तुरंत सूचना देना अनिवार्य है, विलंब होने पर क्लेम अस्वीकृत हो सकता है।
  • योजना में लॉटरी प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता है, यदि आवेदन संख्या लक्ष्य से अधिक हो[citation:4]।

📌Conclusion

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना राजस्थान सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल है, जो पशुपालकों को उनके पशुओं की आकस्मिक मृत्यु से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाती है। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है, जिससे छोटे और सीमांत पशुपालकों को बिना किसी वित्तीय बोझ के सुरक्षा कवच प्राप्त होता है। योजना का लक्ष्य 21 लाख पशुओं का बीमा करना है, जिसे अगले चरण में बढ़ाकर 42 लाख करने की योजना है[citation:7]। यह योजना राजस्थान के ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूत करने और पशुपालन व्यवसाय को जोखिम मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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