
Pradhan Mantri Adarsh Gram Yojana
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) अनुसूचित जाति बहुल गांवों के समग्र विकास के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका उद्देश्य 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को संतृप्त करके आदर्श ग्राम बनाना है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसे 2009-10 में पायलट आधार पर लॉन्च किया गया था और 2014-15 में इसे और गांवों तक विस्तारित किया गया । 2021-22 से, PMAGY को प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के अंतर्गत एक घटक के रूप में समाहित कर लिया गया है ।
योजना का मुख्य लक्ष्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समग्र विकास करना है। यह चयनित गांवों में 10 विकासात्मक क्षेत्रों में 50 मापनीय सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को संतृप्त करके उन्हें ‘आदर्श ग्राम’ (मॉडल विलेज) के रूप में विकसित करने का प्रयास करती है ।
योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किया जाता है, जो गांव की विकास योजनाओं (VDPs) में पहचाने गए अंतरालों को भरने के लिए कार्य करते हैं ।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
यह योजना व्यक्तिगत आवेदनों पर आधारित नहीं है, बल्कि गांव स्तर पर लागू की जाती है। पात्र गांवों का चयन निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर किया जाता है:
- गांव में अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 40% या अधिक होनी चाहिए ।
- गांव की कुल जनसंख्या 500 या अधिक होनी चाहिए ।
- चयनित गांव ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने चाहिए (नगरपालिका क्षेत्रों में शामिल नहीं) ।
- गांव का चयन जिले में उनकी SC जनसंख्या के अवरोही क्रम में किया जाता है ।
नोट: यदि कोई गांव किसी कारणवश अयोग्य हो जाता है (जैसे नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होना), तो राज्य सरकारें उसके स्थान पर अन्य पात्र गांव का चयन कर सकती हैं ।
💰Benefits
लाभ और सहायता
PMAGY के तहत, प्रत्येक नए चयनित गांव को निम्नलिखित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:
- कुल सहायता: ₹21 लाख प्रति गांव ।
- गैप-फिलिंग घटक: ₹20 लाख (पहचाने गए अंतरालों को भरने के लिए) ।
- प्रशासनिक खर्च: ₹1 लाख (केंद्र, राज्य, जिला और गांव के बीच 1:1:1:2 के अनुपात में वितरित) ।
इसके अतिरिक्त, पहले ही चयनित किए जा चुके गांवों के लिए अतिरिक्त ₹10 लाख प्रति गांव की सहायता उपलब्ध है ।
योजना के तहत 50 मापनीय संकेतकों को 10 डोमेन में ट्रैक किया जाता है: पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, बिजली और स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियाँ, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, और आजीविका व कौशल विकास ।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
चूंकि यह योजना गांव स्तर पर कार्यान्वित की जाती है, व्यक्तिगत आवेदन के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होती। गांव के चयन और कार्यान्वयन के लिए आवश्यक जानकारी और योजनाओं का विवरण संबंधित ग्राम पंचायत या जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया जाता है।
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: PMAGY एक गांव-स्तरीय योजना है, व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं है।
- गांवों का चयन राज्य सरकारों द्वारा जनसंख्या डेटा (40%+ SC जनसंख्या, 500+ कुल जनसंख्या) के आधार पर किया जाता है ।
- चयनित गांवों में आवश्यकता आकलन सर्वेक्षण किया जाता है ताकि 50 संकेतकों की आधारभूत स्थिति स्थापित की जा सके ।
- गांव की विकास योजना (VDP) तैयार की जाती है, जिसमें अभिसरण और गैप-फिलिंग गतिविधियों की पहचान की जाती है ।
- जिला PMAGY अभिसरण समिति द्वारा VDP को मंजूरी दी जाती है ।
- मंजूरी के बाद, केंद्र सरकार से धनराशि जारी की जाती है और राज्य सरकार द्वारा जिला प्रशासन को हस्तांतरित की जाती है ।
अपने गांव के बारे में जानने के लिए, संबंधित ग्राम पंचायत या जिला सामाजिक न्याय कार्यालय से संपर्क करें।
🔍Check Application Status
योजना की प्रगति की निगरानी PMAGY पोर्टल (pmagy.gov.in) पर की जा सकती है। पोर्टल पर राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के डैशबोर्ड उपलब्ध हैं जो 50 मापनीय संकेतकों पर विकास की निगरानी करते हैं ।
💳Payment / Installment Status
धनराशि के उपयोग और भुगतान की जानकारी के लिए संबंधित ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन या राज्य नोडल विभाग से संपर्क करें।
📅Important Dates
- 2009-10: पायलट आधार पर योजना की शुरुआत
- 2014-15: योजना का विस्तार
- 2018-19: चरण-II की शुरुआत, 4,484 गांवों का चयन
- 2021-22: PM-AJAY के अंतर्गत समाहित
- मई 2025: अयोग्य गांवों के प्रतिस्थापन के लिए दिशानिर्देश जारी
- मई 2026: PM-AJAY पोर्टल और मोबाइल ऐप का लॉन्च
❌Who Is Not Eligible
यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के उन गांवों के लिए है जिनमें 40% या अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या और कुल जनसंख्या 500 या अधिक है। शहरी/नगरपालिका क्षेत्रों में शामिल गांव पात्र नहीं हैं ।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- यह योजना गांव स्तर पर कार्यान्वित की जाती है, व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं है।
- गांव का चयन SC जनसंख्या के अवरोही क्रम में किया जाता है ।
- योजना मुख्य रूप से केंद्र और राज्य की योजनाओं के अभिसरण पर निर्भर करती है, साथ ही गैप-फिलिंग फंड का उपयोग किया जाता है ।
- PM-AJAY पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है ।
- अयोग्य पाए जाने पर गांव को प्रतिस्थापित किया जा सकता है ।
🔗Related Schemes
- प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY)
- प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA)
- प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN)
📌Conclusion
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) अनुसूचित जाति बहुल गांवों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना अब PM-AJAY के अंतर्गत संचालित होती है और 10 क्षेत्रों में 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को संतृप्त करके ‘आदर्श ग्राम’ बनाने का लक्ष्य रखती है। जुलाई 2026 तक, 47,316 गांवों को कवर किया गया है, 16,759 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है, और 47.59 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ पहुंचाया गया है ।
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