
Samagra Shiksha Yojana
समग्र शिक्षा योजना भारत सरकार की एक एकीकृत केंद्र प्रायोजित योजना है जो पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को समग्र रूप से संभालती है। इसमें सर्व शिक्षा अभियान, आरएमएसए और शिक्षक शिक्षा को शामिल किया गया है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
समग्र शिक्षा योजना भारत सरकार की एक एकीकृत केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 2018 में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शुरू किया गया था। यह योजना सर्व शिक्षा अभियान (SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) और शिक्षक शिक्षा (TE) को एकीकृत करके बनाई गई है।
योजना का मुख्य दर्शन स्कूली शिक्षा को एक सातत्य (continuum) के रूप में देखना है - पूर्व-प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक। यह सतत विकास लक्ष्य (SDG-4) के अनुरूप है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के साथ संरेखित है।
योजना का कार्यान्वयन राज्य स्तर पर एकल राज्य कार्यान्वयन सोसाइटी (SIS) के माध्यम से किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर एक परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB) है जो राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं और बजट (AWP&B) को मंजूरी देता है।
योजना की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इसे 30 सितंबर 2026 तक के लिए अंतरिम विस्तार दिया है।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
समग्र शिक्षा योजना एक स्कूल-स्तरीय योजना है, इसलिए व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी वे बच्चे हैं जो सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकित हैं।
- कक्षाएं: पूर्व-प्राथमिक (प्री-स्कूल) से लेकर कक्षा 12 तक के सभी छात्र।
- स्कूल का प्रकार: सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल।
- लाभार्थी श्रेणियां: सभी बच्चे, विशेष ध्यान SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, BPL परिवारों और दिव्यांग बच्चों पर।
- लड़कियों के लिए विशेष प्रावधान: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) कक्षा 6-12 तक की लड़कियों के लिए आवासीय सुविधा।
💰Benefits
लाभ और हस्तक्षेप
योजना के तहत कई हस्तक्षेप किए जाते हैं:
- मुफ्त पाठ्यपुस्तकें: प्राथमिक स्तर पर सभी छात्रों को और SC/ST/BPL छात्रों को कक्षा 9-12 तक मुफ्त किताबें।
- मुफ्त यूनिफॉर्म: लड़कियों और SC/ST/BPL लड़कों को प्राथमिक स्तर पर सालाना दो सेट यूनिफॉर्म (₹800 प्रति बच्चा)।
- परिवहन भत्ता: दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चों को ₹6,000 प्रति वर्ष तक।
- KGBV आवासीय विद्यालय: SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक लड़कियों के लिए कक्षा 6-12 तक आवासीय सुविधा।
- ICT और स्मार्ट क्लासरूम: कक्षा 6-12 के लिए ICT लैब और स्मार्ट क्लासरूम (₹6.40 लाख तक गैर-आवर्ती अनुदान)।
- डिजिटल शिक्षा: PM eVidya (200 DTH चैनल और 400 रेडियो चैनल), DIKSHA प्लेटफॉर्म।
- समावेशी शिक्षा: दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण, ब्रेल पुस्तकें, परिवहन भत्ता (₹3,500 प्रति बच्चा प्रति वर्ष)।
- व्यावसायिक शिक्षा: माध्यमिक स्तर पर कौशल शिक्षा का एकीकरण।
- शिक्षक प्रशिक्षण: NISHTHA के तहत शिक्षकों का व्यावसायिक विकास।
- स्वच्छ विद्यालय: स्वच्छता गतिविधियों के लिए विशेष प्रावधान।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए बच्चे को पात्र स्कूल में नामांकित होना आवश्यक है। स्कूल में प्रवेश के समय सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- जन्म प्रमाण पत्र / आयु प्रमाण
- निवास प्रमाण (आधार कार्ड, राशन कार्ड, या मतदाता पहचान पत्र)
- पिछले स्कूल के रिकॉर्ड (स्थानांतरण प्रमाण पत्र या रिपोर्ट कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटो (2-4)
- बच्चे और माता-पिता/अभिभावक का आधार कार्ड
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन का तरीका: योजना के लिए कोई अलग आवेदन प्रक्रिया नहीं है। स्कूल में नामांकन के साथ ही बच्चा स्वतः योजना के दायरे में आ जाता है।
- स्कूल में पंजीकरण: माता-पिता/अभिभावक संबंधित स्कूल में जाकर बच्चे का नामांकन कराएं।
- पात्रता की जांच: स्कूल द्वारा बच्चे की पात्रता की जांच की जाएगी।
- नामांकन की पुष्टि: पात्रता की पुष्टि होने पर स्कूल द्वारा नामांकन की पुष्टि की जाएगी और लाभ शुरू होने की जानकारी दी जाएगी।
- नियमित उपस्थिति: बच्चे को नियमित रूप से स्कूल आना होगा ताकि उसे सभी लाभ मिलते रहें।
- लाभ वितरण: स्कूल के माध्यम से पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, भोजन आदि प्रदान किए जाएंगे।
🔍Check Application Status
योजना के तहत व्यक्तिगत आवेदन की स्थिति की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि यह एक स्कूल-स्तरीय कार्यक्रम है। योजना की समग्र प्रगति और निगरानी के लिए आधिकारिक वेबसाइट samagra.education.gov.in पर जानकारी उपलब्ध है।
💳Payment / Installment Status
यह योजना अधिकांश लाभ स्कूल के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं के रूप में प्रदान करती है। वित्तीय सहायता (जैसे यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तक) राज्य कार्यान्वयन सोसाइटी (SIS) के माध्यम से स्कूलों को उपलब्ध कराई जाती है।
📅Important Dates
- 2018-19: योजना का शुभारंभ।
- 1 अप्रैल 2021: योजना की नई अवधि शुरू।
- 31 मार्च 2026: योजना की निर्धारित अवधि समाप्त।
- 30 सितंबर 2026: केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई अंतरिम अवधि समाप्त।
- 2026-27: बजट अनुमान ₹42,100 करोड़।
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे (बिना सरकारी सहायता प्राप्त)।
- जो बच्चे किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में नामांकित नहीं हैं।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- योजना का कार्यान्वयन राज्य कार्यान्वयन सोसाइटी (SIS) के माध्यम से किया जाता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB) राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं और बजट (AWP&B) को मंजूरी देता है।
- वित्तीय भागीदारी: पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, विधानमंडल रहित UT के लिए 100% केंद्रीय, और अन्य राज्यों के लिए 60:40।
- योजना की निगरानी PRABANDH (Project Appraisal, Budgeting Achievements and Data Handling) नामक ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जाती है।
- स्कूलों को UDISE+ पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
🔗Related Schemes
- PM POSHAN (मध्याह्न भोजन योजना)
- PM SHRI Schools
- राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति (NMMSS)
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)
📌Conclusion
समग्र शिक्षा योजना भारत के स्कूली शिक्षा तंत्र की सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण योजना है, जो 11.6 लाख स्कूलों, 15.6 करोड़ छात्रों और 57 लाख शिक्षकों को कवर करती है। यह योजना पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को एक सातत्य के रूप में संभालती है और NEP 2020 की सिफारिशों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है, और 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए इसके पुनर्गठन पर विचार किया जा रहा है।
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❓Frequently Asked Questions
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