
Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के माध्यम से 'नीली क्रांति' लाने के लिए एक प्रमुख योजना है। इसका कुल निवेश ₹20,050 करोड़ है और इसका उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, बुनियादी ढांचा विकसित करना और मछुआरों की आय दोगुनी करना है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक प्रमुख योजना है। इसे 10 सितंबर 2020 को शुरू किया गया था और इसे 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है[citation:2][citation:5]।
योजना का कुल परिव्यय ₹20,050 करोड़ है और इसका उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र का समग्र विकास करना है। योजना दो घटकों में विभाजित है: केंद्रीय क्षेत्र (CS) और केंद्र प्रायोजित योजना (CSS)। केंद्रीय क्षेत्र का पूर्ण वित्त पोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, जबकि CSS में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर योगदान देती हैं[citation:3]।
योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, फसलोत्तर प्रबंधन का आधुनिकीकरण, मत्स्य पालन क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना और मछुआरों तथा मत्स्य किसानों की आय दोगुनी करना है[citation:5]।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
PMMSY के तहत निम्नलिखित श्रेणियों के लाभार्थी पात्र हैं[citation:5]:
- मछुआरे (Fishers)
- मत्स्य किसान (Fish Farmers)
- मत्स्य श्रमिक और मछली विक्रेता
- मत्स्य विकास निगम
- स्वयं सहायता समूह (SHGs) / संयुक्त देयता समूह (JLGs)
- मत्स्य सहकारी समितियां
- मत्स्य महासंघ
- उद्यमी और निजी फर्म
- मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (FFPOs)
- SC/ST/महिला/दिव्यांग श्रेणियों के व्यक्ति
- राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश और उनकी संस्थाएं
💰Benefits
लाभ और सहायता
PMMSY के तहत प्रदान किए जाने वाले प्रमुख लाभ:
- समूह दुर्घटना बीमा: 18-70 वर्ष के मछुआरों के लिए ₹5 लाख (मृत्यु/स्थायी पूर्ण विकलांगता), ₹2.50 लाख (स्थायी आंशिक विकलांगता), ₹25,000 (दुर्घटना में अस्पताल में भर्ती) [citation:2][citation:7]।
- आजीविका और पोषण सहायता: मछली पकड़ने पर प्रतिबंध/कम मौसम के दौरान 18-60 वर्ष के सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े पारंपरिक मछुआरों के परिवारों को ₹3,000 प्रति मछुआरा (लाभार्थी का ₹1,500 योगदान) [citation:2]।
- ट्रांसपोंडर स्थापना: तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,00,000 मछली पकड़ने वाले जहाजों पर दो-तरफा संचार के लिए [citation:2]।
- मछली पकड़ने वाले जहाज का बीमा और जाल/नाव का प्रतिस्थापन: गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए जहाजों के अधिग्रहण और उन्नयन के लिए सहायता [citation:2]।
- बुनियादी ढांचा विकास: मछली पकड़ने के बंदरगाह, मछली लैंडिंग केंद्र, कोल्ड चेन, बाजार अवसंरचना [citation:2]।
- कौशल विकास और FFPO गठन: मत्स्य सहकारी समितियों और मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों का गठन [citation:2]।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है[citation:5]:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- व्यवसाय पंजीकरण प्रमाणपत्र
- परियोजना रिपोर्ट (DPR)
- भूमि दस्तावेज (यदि लागू हो)
- साझेदारी विलेख या MOA
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
PMMSY के तहत आवेदन प्रक्रिया राज्य के अनुसार भिन्न हो सकती है। सामान्यतः:
- परियोजना रिपोर्ट तैयार करें: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) या स्व-निहित प्रस्ताव तैयार करें[citation:5]।
- जिला मत्स्य कार्यालय में जमा करें: संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय में आवेदन जमा करें[citation:5]।
- राज्य पोर्टल: कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है, जैसे हरियाणा का Antyodaya-SARAL पोर्टल[citation:9]।
- अनुमोदन: परियोजना का मूल्यांकन और अनुमोदन के बाद सब्सिडी जारी की जाती है।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय या राज्य मत्स्य विभाग के पोर्टल पर देखी जा सकती है। कुछ राज्यों में ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है[citation:9]।
💳Payment / Installment Status
सब्सिडी का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है। भुगतान की स्थिति संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से जानी जा सकती है।
📅Important Dates
- 10 सितंबर 2020: PMMSY का शुभारंभ।
- 2020-21 से 2024-25: योजना की कार्यान्वयन अवधि।
- 2023-24 से 2026-27: PM-MKSSY उप-योजना की अवधि[citation:3]।
❌Who Is Not Eligible
योजना के तहत कोई विशेष बहिष्करण नहीं है, लेकिन विशिष्ट गतिविधियों के लिए अलग-अलग पात्रता मानदंड हो सकते हैं। आवेदन से पहले संबंधित गतिविधि के दिशानिर्देशों की जांच करें।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- PMMSY के तहत कुछ गतिविधियों के लिए सब्सिडी दरें: सामान्य श्रेणी के लिए 40% और SC/ST/महिला लाभार्थियों के लिए 60%[citation:16]।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा 2025-26 से मत्स्य पालन के लिए ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है[citation:2]।
- अब तक 4,76,237 KCC कार्ड मछुआरों और मत्स्य किसानों को जारी किए गए हैं[citation:2]।
🔗Related Schemes
- PM-MKSSY (Pradhan Mantri Matsya Kisan Samridhi Sah-Yojana) [citation:3]
- Kisan Credit Card for Fisheries [citation:2]
- Blue Revolution Scheme
- PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana
📌Conclusion
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत के मत्स्य क्षेत्र के विकास में एक परिवर्तनकारी पहल साबित हुई है। छह वर्षों में, इस योजना ने मछली उत्पादन को 141.64 लाख टन से बढ़ाकर 197.75 लाख टन कर दिया है, निर्यात को ₹46,663 करोड़ से ₹73,890 करोड़ तक पहुंचाया है, और 58 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए हैं[citation:3][citation:4]। 2026-27 के बजट में ₹2,500 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन इस क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है[citation:4]।
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