
Pre-Matric Scholarship for SC Students
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जाति के छात्रों को कक्षा 9वीं और 10वीं की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित एक केंद्र प्रायोजित योजना है। यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों को कक्षा 9वीं और 10वीं की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है ।
योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर संक्रमण को सुगम बनाना है। यह योजना माता-पिता को उनके बच्चों की शिक्षा में सहायता प्रदान करती है ताकि आर्थिक बाधाएं शिक्षा में बाधा न बनें ।
योजना के दो घटक हैं: घटक-1 अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए और घटक-2 उन बच्चों के लिए जिनके माता-पिता अस्वच्छ और खतरनाक व्यवसायों में लगे हैं। दोनों घटकों को मिलाकर 'प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (अनुसूचित जाति और अन्य)' के रूप में जाना जाता है ।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- छात्र भारत का नागरिक होना चाहिए ।
- छात्र अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से होना चाहिए ।
- छात्र के माता-पिता या अभिभावकों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
- छात्र कक्षा 9वीं या 10वीं में मान्यता प्राप्त स्कूल में नियमित, पूर्णकालिक छात्र के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए ।
- छात्र को कोई अन्य केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति नहीं मिल रही हो ।
💰Benefits
लाभ और सहायता
छात्रवृत्ति का मूल्य पूरे पाठ्यक्रम की अवधि के लिए निम्नलिखित शामिल करता है :
- शैक्षणिक भत्ता (Academic Allowance): डे स्कॉलर के लिए ₹3,500 प्रति वर्ष और छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए ₹7,000 प्रति वर्ष ।
- दिव्यांग छात्रों के लिए 10% अतिरिक्त भत्ता ।
घटक-2 (अस्वच्छ व्यवसायों में लगे माता-पिता के बच्चों के लिए):
- डे स्कॉलर के लिए ₹3,500 प्रति वर्ष और छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए ₹7,000 प्रति वर्ष ।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है :
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) - अनुसूचित जाति के लिए, छात्र के अपने नाम पर जारी
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) - संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा जारी, सभी स्रोतों से आय दर्शाते हुए
- आधार कार्ड (Aadhaar Card) - स्कूल रिकॉर्ड से मेल खाता हुआ
- आधार से जुड़ा बैंक खाता विवरण (छात्र के अपने नाम पर)
- पिछली कक्षा की मार्कशीट/प्रमोशन प्रमाण
- वर्तमान कक्षा में नामांकन का प्रमाण
- स्कूल द्वारा जारी बोनाफाइड प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन का तरीका: ऑनलाइन (राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से) ।
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) की आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं ।
- नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें (One Time Registration) या यदि पहले से पंजीकृत हैं तो लॉगिन करें ।
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) योजना का चयन करें।
- आवश्यक व्यक्तिगत, शैक्षणिक और बैंक विवरण भरें।
- आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- आवेदन की स्थिति NSP पोर्टल पर ट्रैक करें।
महत्वपूर्ण: आवेदन आमतौर पर जुलाई से सितंबर/अक्टूबर के बीच खुलते हैं। छात्रों को समय सीमा का ध्यान रखना चाहिए ।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर scholarships.gov.in पर लॉगिन करके देखी जा सकती है। छात्र NSP मोबाइल ऐप या UMANG ऐप के माध्यम से भी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
💳Payment / Installment Status
छात्रवृत्ति का भुगतान सीधे छात्र के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाता है। भुगतान की स्थिति बैंक खाते या NSP पोर्टल पर देखी जा सकती है ।
📅Important Dates
- आवेदन अवधि: आमतौर पर जुलाई से सितंबर/अक्टूबर ।
- रिन्यूअल: प्रत्येक वर्ष छात्रवृत्ति का नवीनीकरण करना आवश्यक है।
❌Who Is Not Eligible
निम्नलिखित श्रेणियों के छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:
- जिनके माता-पिता/अभिभावकों की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक है ।
- जो अनुसूचित जाति समुदाय से नहीं हैं।
- जो कक्षा 9वीं या 10वीं में नामांकित नहीं हैं।
- जो पहले से किसी अन्य केंद्र सरकार की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे हैं ।
- जो मान्यता प्राप्त स्कूल में नियमित छात्र नहीं हैं।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- छात्रवृत्ति का भुगतान 10 महीने की अवधि के लिए किया जाता है (छुट्टियों के महीनों को छोड़कर) ।
- यदि छात्र किसी कक्षा में फेल हो जाता है, तो उसे उस कक्षा के लिए दोबारा छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी ।
- छात्रवृत्ति का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष करना आवश्यक है।
- केवल एक ही छात्रवृत्ति का लाभ लिया जा सकता है; एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो योजनाओं के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता ।
- महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में, आवेदन राज्य पोर्टल (महाडीबीटी) के माध्यम से भी किए जा सकते हैं।
🔗Related Schemes
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC)
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (OBC)
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (दिव्यांग छात्रों के लिए)
- टॉप क्लास स्कॉलरशिप फॉर SC स्टूडेंट्स
📌Conclusion
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जाति के छात्रों को कक्षा 9वीं और 10वीं की शिक्षा पूरी करने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना स्कूल छोड़ने की दर को कम करने और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 2014-15 से 2025-26 तक, ₹4,893.03 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिससे लगभग 3 करोड़ छात्रों को लाभ मिला। डीबीटी, आधार-आधारित प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन जैसे सुधारों ने छात्रवृत्ति वितरण को अधिक पारदर्शी और कुशल बना दिया है ।
🚀 Ready to Apply?
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