
National Mission on Natural Farming
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मुक्त, स्थानीय संसाधनों और पशुधन पर आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके तहत प्रति एकड़ प्रति वर्ष ₹4,000 (अधिकतम 1 एकड़, 2 वर्ष) का प्रोत्साहन दिया जाता है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 25 नवंबर 2024 को मंजूरी दी गई थी। इसका कुल परिव्यय ₹2,481 करोड़ है [citation:6]।
प्राकृतिक खेती (भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति - BPKP) एक रासायनिक-मुक्त खेती प्रणाली है जो पशुधन और स्थानीय संसाधनों पर आधारित है और भारतीय परंपरा में निहित है। इसमें बायोमास मल्चिंग, साल भर हरा आवरण, बहु-प्रजाति हरी खाद, देसी गाय के गोबर-गोमूत्र से बने जीवामृत, बीजामृत जैसे जैविक इनपुट, विविधता और बहु-फसल प्रणाली, और पौध संरक्षण के लिए खेत पर बने वनस्पति अर्क शामिल हैं [citation:4]।
मिशन का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना, मिट्टी की सेहत सुधारना, जलवायु अनुकूलन क्षमता बढ़ाना, सुरक्षित और पोषक भोजन उपलब्ध कराना, और प्राकृतिक उपज के लिए सरल प्रमाणीकरण और बाजार पहुंच प्रदान करना है [citation:13]।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- सभी किसान, जिनमें लघु और सीमांत किसान भी शामिल हैं, NMNF के तहत पात्र हैं [citation:2]।
- किसान के पास कृषि योग्य भूमि और आधार-लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए।
- किसान को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग बंद करने और प्राकृतिक खेती जारी रखने के लिए सहमत होना चाहिए।
- FPO, SHG और कृषि सखी भी भाग ले सकते हैं।
- किसान को प्राकृतिक खेती अपनाने और प्राकृतिक खेती क्लस्टर में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए [citation:1]।
- NMNF और PKVY के लाभ एक ही भूमि पर नहीं लिए जा सकते [citation:1]।
💰Benefits
लाभ और सहायता
- उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन: ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष, दो वर्षों के लिए, प्रति किसान अधिकतम 1 एकड़ - कुल ₹8,000 तक [citation:1][citation:2]।
- निःशुल्क प्रशिक्षण: कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), कृषि विश्वविद्यालयों और लगभग 2,000 मॉडल प्रदर्शन फार्मों के माध्यम से [citation:1][citation:6]।
- क्षेत्रीय मार्गदर्शन: 30,000 कृषि सखी/सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP) क्लस्टरों में किसानों को प्रशिक्षित और मार्गदर्शन करेंगे [citation:6]।
- प्रमाणीकरण सहायता: PGS-India के माध्यम से सरल प्राकृतिक खेती प्रमाणीकरण, जिसकी लागत ₹2,100 प्रति हेक्टेयर दो वर्षों के लिए है [citation:7]।
- बाजार सहायता: प्राकृतिक उपज के लिए एकल राष्ट्रीय ब्रांड, ब्रांडिंग, हाट, मेले और FPO को बढ़ावा [citation:1][citation:6]।
- BRC सहायता: बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) स्थापित करने के लिए ₹1 लाख दो किश्तों में (₹50,000 प्रत्येक); राष्ट्रीय स्तर पर 10,000 BRC की योजना [citation:1][citation:6]।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी)
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक (DBT के लिए)
- आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर
- पशुधन विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (केवल SC/ST किसानों के लिए)
- सत्यापन के दौरान मांगे गए अन्य दस्तावेज [citation:1]
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
NMNF के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है।
- खाता बनाएं: आधिकारिक पोर्टल naturalfarming.dac.gov.in पर जाएं और पंजीकरण पृष्ठ खोलें। अपना उपयोगकर्ता प्रकार चुनें (प्राकृतिक खेती करने वाला किसान, इच्छुक ग्राम पंचायत, FPO या NGO)। व्यक्तिगत विवरण भरें और राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें। मोबाइल नंबर दर्ज करें, पासवर्ड सेट करें और सबमिट करें [citation:1]।
- व्यक्तिगत और भूमि विवरण भरें: मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें, फिर पांच खंड पूरे करें - व्यक्तिगत विवरण, भूमि विवरण, फसल विवरण, इनपुट और प्रथाएं, और अंतिम सबमिशन [citation:1]।
- क्लस्टर से जुड़ें: पात्र किसानों को प्राकृतिक खेती क्लस्टर में शामिल होना होगा। क्लस्टर की पहचान राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की जाती है और प्रत्येक क्लस्टर को एक प्रशिक्षण संस्थान से जोड़ा जाता है [citation:2]।
🔍Check Application Status
पंजीकरण के बाद, किसान आधिकारिक पोर्टल (naturalfarming.dac.gov.in) पर लॉगिन करके अपनी स्थिति देख सकते हैं। मिशन की वास्तविक समय की निगरानी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाती है [citation:6]।
💳Payment / Installment Status
प्रोत्साहन राशि का भुगतान आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाता है। भुगतान की स्थिति बैंक खाते या संबंधित कृषि कार्यालय से जानी जा सकती है।
📅Important Dates
- 25 नवंबर 2024: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा NMNF को मंजूरी [citation:3][citation:6]।
- 2025-26: 15वें वित्त आयोग की अवधि तक योजना कार्यान्वयन [citation:6]।
- 5 मार्च 2026: 18,786 क्लस्टर, 8.80 लाख हेक्टेयर, 18.19 लाख किसान पंजीकृत [citation:3]।
❌Who Is Not Eligible
अपात्र श्रेणियां:
- जो किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग जारी रखना चाहते हैं।
- जो NMNF के लिए निर्धारित क्लस्टर में शामिल नहीं होना चाहते।
- जो पहले से PKVY के तहत उसी भूमि पर लाभ प्राप्त कर रहे हैं [citation:1]।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- NMNF में खाद्यान्न उत्पादन को प्राथमिकता दी जाती है; बागवानी फसलों को द्वितीयक प्राथमिकता दी जा सकती है।
- प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 125 किसान और 50 हेक्टेयर सटीक क्षेत्र शामिल होते हैं [citation:15]।
- प्रोत्साहन राशि केवल प्राकृतिक खेती प्रथाओं (प्री-मानसून ड्राई सोइंग, बीजामृत, जीवामृत का उपयोग, विविध फसल प्रणाली आदि) को अपनाने और जारी रखने पर ही दी जाती है; बंद करने पर राशि रुक जाती है [citation:1]।
- मिशन के तहत जीवामृत, बीजामृत जैसे इनपुट तैयार करने के लिए ड्रम, मिश्रण और भंडारण कंटेनर खरीदने में भी सहायता दी जाती है [citation:15]।
🔗Related Schemes
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) [citation:12]
- MOVCDNER (उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन) [citation:12]
- PM PRANAM योजना
- नमामि गंगे (प्राकृतिक खेती घटक)
📌Conclusion
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) भारत के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली पहल है। यह किसानों को रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने, मिट्टी की सेहत सुधारने और जलवायु अनुकूलन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है। 5 मार्च 2026 तक 18.19 लाख किसानों के पंजीकरण और 8.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के कवरेज के साथ, यह मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है [citation:3]। सरल प्रमाणीकरण, राष्ट्रीय ब्रांड और बाजार पहुंच के प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
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