
Paramparagat Krishi Vikas Yojana
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) 2015 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा देती है। यह योजना किसानों को 3 वर्षों में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान करती है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 2015 में राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA) के तहत शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य क्लस्टर-आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देना, पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना और किसानों की आजीविका में सुधार करना है।
योजना का दृष्टिकोण एक स्केलेबल इको-एग्रीकल्चर मॉडल को आगे बढ़ाना है जो कम लागत वाली, रसायन-मुक्त तकनीकों को किसान समूहों के साथ एकीकृत करता है। यह खाद्य सुरक्षा, आय सृजन और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाता है।
योजना उत्तर-पूर्वी राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए, MOVCDNER योजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
- भारतीय किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि है।
- किसान को 50 किसानों के समूह (क्लस्टर) में शामिल होना या बनाना होगा।
- क्लस्टर के पास कम से कम 20 हेक्टेयर (या 50 एकड़) सटीक भूमि होनी चाहिए।
- किसान को 3 वर्ष की प्रमाणीकरण अवधि के लिए जैविक प्रथाओं को अपनाने के लिए तैयार होना चाहिए।
- आधार-लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए।
- SC/ST, लघु और सीमांत किसानों और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
💰Benefits
लाभ और सहायता
PKVY के तहत 3 वर्षों में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान की जाती है:
- जैविक इनपुट (DBT): ₹15,000 प्रति हेक्टेयर - जैविक खाद, बीज, कीटनाशक आदि के लिए सीधे किसान के खाते में।
- विपणन और ब्रांडिंग: ₹4,500 प्रति हेक्टेयर - पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन के लिए।
- प्रमाणीकरण: ₹3,000 प्रति हेक्टेयर - PGS-India या NPOP प्रमाणीकरण और अवशेष विश्लेषण के लिए।
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: ₹9,000 प्रति हेक्टेयर - प्रशिक्षण, जागरूकता और क्षमता निर्माण के लिए।
अतिरिक्त लाभ:
- PGS-India प्रमाणीकरण - समुदाय-आधारित, मुफ्त प्रमाणीकरण।
- Jaivik Kheti पोर्टल के माध्यम से सीधे बाजार पहुंच।
- जैविक उपज के लिए 20-40% तक अधिक मूल्य।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी या 7/12)
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- जैविक खेती प्रतिबद्धता की घोषणा
- क्लस्टर गठन पत्र जिस पर सभी 50+ सदस्य किसानों के हस्ताक्षर हों
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
महत्वपूर्ण: व्यक्तिगत किसान सीधे आवेदन नहीं कर सकते। आवेदन क्लस्टर/समूह के माध्यम से होता है।
- क्लस्टर बनाएं या शामिल हों: अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करें।
- क्लस्टर पंजीकरण: क्लस्टर लीड (FPO या प्रगतिशील किसान) द्वारा जिला कृषि विभाग में क्लस्टर पंजीकृत करें।
- व्यक्तिगत नामांकन: प्रत्येक किसान आधार, भूमि रिकॉर्ड और बैंक विवरण क्लस्टर समन्वयक को जमा करें।
- प्रशिक्षण: जैविक इनपुट, कंपोस्टिंग और IPM पर अनिवार्य प्रशिक्षण में भाग लें।
- PGS-India प्रमाणीकरण: क्लस्टर को PGS-India प्रमाणीकरण प्रदान किया जाता है।
- DBT भुगतान: 3 वर्षों में किस्तों में सीधे किसान के खाते में।
🔍Check Application Status
क्लस्टर की स्थिति और प्रमाणीकरण की जानकारी PGS-India पोर्टल (pgsindia-ncof.gov.in) या Jaivik Kheti पोर्टल (jaivikkheti.in) पर देखी जा सकती है।
💳Payment / Installment Status
DBT भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाता है। भुगतान की स्थिति बैंक खाते या जिला कृषि कार्यालय से जानी जा सकती है।
📅Important Dates
- 2015: PKVY का शुभारंभ।
- 30 जनवरी 2025 तक: ₹2,265.86 करोड़ जारी, 15 लाख हेक्टेयर, 52,289 क्लस्टर, 25.30 लाख किसान लाभान्वित।
- दिसंबर 2024 तक: Jaivik Kheti पोर्टल पर 6.23 लाख किसान, 19,016 स्थानीय समूह, 8,676 खरीदार पंजीकृत।
❌Who Is Not Eligible
अपात्र श्रेणियां:
- 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसान।
- जो क्लस्टर में शामिल नहीं होना चाहते।
- जो 3 वर्ष की अवधि के लिए जैविक प्रथाओं को अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं।
- उत्तर-पूर्वी राज्यों के किसान (उनके लिए MOVCDNER योजना है)।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- योजना क्लस्टर-आधारित है; व्यक्तिगत आवेदन संभव नहीं है।
- क्लस्टर में कम से कम 50 किसान और 20 हेक्टेयर सटीक भूमि आवश्यक है।
- प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि ही योजना के अंतर्गत आएगी।
- PGS-India प्रमाणीकरण मुफ्त और समुदाय-आधारित है।
- जैविक उत्पादों की बिक्री Jaivik Kheti पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है।
🔗Related Schemes
- MOVCDNER (उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए)
- नमामि गंगे (जैविक खेती घटक)
- PM-PRANAM
- राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA)
📌Conclusion
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) भारत में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। 2015 में शुरू होने के बाद से, इस योजना ने 25.30 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाया है और 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया है। क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण, PGS-India प्रमाणीकरण और Jaivik Kheti पोर्टल के माध्यम से बाजार पहुंच इस योजना की प्रमुख विशेषताएं हैं।
🚀 Ready to Apply?
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