
SMILE - Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise
SMILE योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक व्यापक अम्ब्रेला योजना है जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए दो उप-योजनाएं शामिल हैं।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
SMILE (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक व्यापक अम्ब्रेला योजना है, जिसे 12 फरवरी 2022 को लॉन्च किया गया था। यह योजना ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
योजना में दो उप-योजनाएं शामिल हैं: 'ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास' और 'भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास'। योजना का दृष्टिकोण दंडात्मक से अधिकार-आधारित और पुनर्वासात्मक है।
योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों/स्थानीय शहरी निकायों, स्वयंसेवी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों (CBOs) और अन्य संस्थानों के सहयोग से किया जाता है।
✅Eligibility Criteria
पात्रता मानदंड
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए:
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल (transgender.dosje.gov.in) के माध्यम से जारी ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र होना चाहिए।
- छात्रवृत्ति के लिए: कक्षा IX से स्नातकोत्तर तक के ट्रांसजेंडर छात्र।
- कौशल विकास के लिए: 18-45 वर्ष के ट्रांसजेंडर व्यक्ति।
- गरिमा गृह के लिए: 18-60 वर्ष के परित्यक्त ट्रांसजेंडर व्यक्ति, जो गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हों और बेरोजगार हों।
भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के लिए:
- सर्वेक्षण और पहचान के माध्यम से चयनित व्यक्ति।
- योजना शुरू में शहरी क्षेत्रों, तीर्थ स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर केंद्रित है।
💰Benefits
लाभ और सहायता
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए:
- छात्रवृत्ति: कक्षा IX से स्नातकोत्तर तक के छात्रों के लिए ₹13,500 प्रति वर्ष।
- कौशल विकास: PM-DAKSH योजना के तहत निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण और 80% से अधिक उपस्थिति पर ₹1,000 मासिक वजीफा।
- स्वास्थ्य बीमा: आयुष्मान भारत TG Plus के तहत ₹5 लाख प्रति वर्ष का स्वास्थ्य कवर, जिसमें जेंडर-एफirming केयर, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी शामिल हैं।
- गरिमा गृह: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आश्रय गृह, जिनमें भोजन, कपड़े, चिकित्सा सहायता और कौशल विकास की सुविधा है।
- ट्रांसजेंडर संरक्षण सेल: प्रत्येक राज्य में अपराधों की निगरानी और समय पर जांच के लिए।
भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के लिए:
- आश्रय गृह: भोजन, कपड़े, स्वच्छता किट, बिस्तर, शौचालय और मनोरंजन सुविधाएं।
- शिक्षा: बच्चों को समग्र शिक्षा योजना के तहत सरकारी स्कूलों में नामांकन और बाद में ट्यूशन सहायता।
- कौशल प्रशिक्षण: बढ़ईगीरी, टेलरिंग, खाना पकाना, बागवानी, सुरक्षा कार्य, स्वच्छता और ई-रिक्शा चलाना जैसे व्यवसायों में प्रशिक्षण।
- आजीविका सहायता: स्वयं सहायता समूहों का गठन और बैंकों से जोड़ना।
- चिकित्सा सहायता: पुरानी बीमारियों, नशामुक्ति और वृद्धाश्रम से जुड़ी सेवाएं।
📋Documents Required
आवश्यक दस्तावेज
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए:
- ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र (राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल से)
- आधार कार्ड
- पता प्रमाण
- बैंक खाता विवरण (आधार से जुड़ा)
- शैक्षिक प्रमाणपत्र (छात्रवृत्ति के लिए)
भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के लिए:
- पहचान के लिए सरकारी दस्तावेज (यदि उपलब्ध हों)
- सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गई जानकारी
📝How to Apply
आवेदन प्रक्रिया
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए:
- राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल (transgender.dosje.gov.in) पर पंजीकरण करें।
- ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के लिए एकल आवेदन जमा करें।
- प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद, संबंधित लाभ के लिए आवेदन करें (छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण, आदि)।
- छात्रवृत्ति के लिए, आवेदन जून से अगस्त के बीच खुलते हैं।
भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के लिए:
- जिला प्रशासन/नगरीय निकाय द्वारा सर्वेक्षण और पहचान की जाती है।
- पहचाने गए व्यक्तियों को परामर्श और प्रेरणा के माध्यम से आश्रय गृहों में लाया जाता है।
- आश्रय गृहों में पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका सहायता प्रदान की जाती है।
🔍Check Application Status
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आवेदन की स्थिति राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल पर देखी जा सकती है। भिक्षावृत्ति पुनर्वास की निगरानी SMILE-Beggary राष्ट्रीय पोर्टल (smile-b.dosje.gov.in) के माध्यम से की जाती है।
💳Payment / Installment Status
छात्रवृत्ति और कौशल विकास भत्ते का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जाता है। भुगतान की स्थिति बैंक खाते या संबंधित पोर्टल पर देखी जा सकती है।
📅Important Dates
- 12 फरवरी 2022: SMILE योजना का शुभारंभ
- 10 जून 2025: संशोधित दिशानिर्देश (दूसरा संशोधन) प्रभावी
- 31 मार्च 2028: संशोधित दिशानिर्देशों की वैधता समाप्ति
❌Who Is Not Eligible
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए बहिष्करण:
- जिनके पास राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल से जारी प्रमाणपत्र नहीं है।
- जो पहले से किसी अन्य केंद्र/राज्य सरकार की छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं।
- गरिमा गृह के लिए: जो वेश्यावृत्ति या भिक्षावृत्ति में लिप्त हैं।
⚠️Important Instructions
महत्वपूर्ण निर्देश
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सभी लाभों के लिए ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
- छात्रवृत्ति सीमित संख्या में उपलब्ध है और योग्यता के आधार पर दी जाती है।
- भिक्षावृत्ति पुनर्वास के लिए आश्रय गृहों में अधिकतम निवास 6 महीने है, जिसे विशेष मामलों में बढ़ाया जा सकता है।
- योजना के तहत 2021-22 से 2025-26 तक कुल ₹390 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- भिक्षावृत्ति उप-योजना वर्तमान में 181 चयनित शहरों में संचालित है।
🔗Related Schemes
- PM-DAKSH योजना
- आयुष्मान भारत PM-JAY
- DAY-NULM
- समग्र शिक्षा योजना
- राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल
📌Conclusion
SMILE योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण पर केंद्रित है। योजना का दृष्टिकोण दंडात्मक से अधिकार-आधारित और पुनर्वासात्मक है। मार्च 2026 तक, भिक्षावृत्ति उप-योजना के तहत 31,155 व्यक्तियों की पहचान की गई है और 9,935 व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया है, जबकि 17 राज्यों में 21 गरिमा गृह संचालित हैं।
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