
Swachh Bharat Mission
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का दूसरा चरण गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, शौचालयों की स्थिरता और ODF प्लस गांवों के लक्ष्य के साथ स्वच्छता सुनिश्चित करता है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर की गई थी । चरण-I (2014-2019) का लक्ष्य भारत को खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाना था, जिसे 2019 तक हासिल कर लिया गया ।
चरण-II (2020-21 से 2025-26) का उद्देश्य ODF स्थिरता बनाए रखना और सभी गांवों को ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की सुविधाओं के साथ ODF प्लस मॉडल गांव बनाना है । ODF प्लस गांव का अर्थ है - एक गांव जो अपनी ODF स्थिति बनाए रखता है, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करता है और दृष्टिगत रूप से स्वच्छ है ।
✅Eligibility Criteria
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता:
- निवास: ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवार
- शौचालय: जिन परिवारों के पास व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) नहीं है या नए घरों/प्रवासी परिवारों को शौचालय की आवश्यकता है
- SLWM: गांव में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की सुविधाओं का लाभ पूरे गांव को मिलता है
शौचालय निर्माण के लिए, चरण-II में भी नए पात्र परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे छूटे हुए शौचालयों की योजना बनाएं और इस अंतर को प्राथमिकता पर पूरा करें ।
💰Benefits
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
1. व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL)
- पात्र परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि
- राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से transferred
2. ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management)
- बायोडिग्रेडेबल कचरे के लिए सामुदायिक कम्पोस्ट गड्ढे
- 5,000 तक आबादी वाले गांवों के लिए ₹60 प्रति व्यक्ति तक सहायता
- 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों के लिए ₹45 प्रति व्यक्ति तक सहायता
3. तरल कचरा प्रबंधन (Liquid Waste Management)
- ग्रेवॉटर प्रबंधन के लिए: 5,000 तक आबादी वाले गांवों को ₹280 प्रति व्यक्ति तक
- 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को ₹660 प्रति व्यक्ति तक
4. न्यूनतम आवंटन
- प्रत्येक गांव को SLWM संपत्तियों के निर्माण के लिए न्यूनतम ₹1 लाख का आवंटन
📋Documents Required
व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) के लिए आवेदन करते समय आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (DBT के लिए)
- निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- परिवार की फोटो
- स्व-घोषणा पत्र (पात्रता के लिए)
ठोस और तरल कचरा प्रबंधन (SLWM) की संपत्तियों के लिए, ग्राम पंचायत द्वारा सामुदायिक आवेदन किया जाता है, इसलिए व्यक्तिगत दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होती।
📝How to Apply
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया:
व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) के लिए:
- ग्राम पंचायत से संपर्क करें: अपने गांव के ग्राम पंचायत या स्वच्छता दूत से संपर्क करें
- पात्रता सत्यापन: ग्राम पंचायत द्वारा पात्रता की जांच की जाएगी
- आवेदन फॉर्म भरें: निर्धारित फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें
- दस्तावेज जमा करें: आधार कार्ड, बैंक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करें
- स्वीकृति: पात्र पाए जाने पर शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृति दी जाएगी
- निर्माण और भुगतान: शौचालय निर्माण के बाद DBT के माध्यम से ₹12,000 की राशि खाते में transferred
SLWM संपत्तियों के लिए:
ग्राम पंचायत द्वारा अपनी कार्य योजना के अनुसार SLWM संपत्तियों का निर्माण किया जाता है। इसके लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।
🔍Check Application Status
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति और लाभार्थी स्थिति जानने के लिए:
- IMIS पोर्टल: swachhbharatmission.ddws.gov.in पर जाकर अपने गांव/जिले की प्रगति देखें
- ग्राम पंचायत: अपनी ग्राम पंचायत से सीधे संपर्क करें
- जिला कार्यालय: जिला पेयजल और स्वच्छता विभाग से जानकारी प्राप्त करें
💳Payment / Installment Status
IHHL के लिए DBT भुगतान की जांच:
- अपने बैंक खाते में DBT राशि की जांच करें
- ग्राम पंचायत से भुगतान स्थिति की जानकारी प्राप्त करें
- संबंधित राज्य के पेयजल और स्वच्छता विभाग के पोर्टल पर भुगतान स्थिति देखें (राज्य-वार अलग-अलग)
📅Important Dates
- लॉन्च तिथि (चरण-I): 2 अक्टूबर 2014
- चरण-I समाप्ति: 2 अक्टूबर 2019
- चरण-II शुरुआत: 2020-21
- चरण-II समाप्ति: 2025-26
- ODF प्लस घोषित गांव (दिसंबर 2025): 5,67,873 गांव
- ODF प्लस मॉडल गांव (दिसंबर 2025): 4,89,526 गांव
❌Who Is Not Eligible
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, इसलिए शहरी क्षेत्र के निवासी इसके दायरे में नहीं आते। इसके अतिरिक्त:
- जिन परिवारों के पास पहले से कार्यात्मक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) है, उन्हें नए शौचालय के लिए प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती
- व्यावसायिक/औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए शौचालय निर्माण इस योजना के अंतर्गत नहीं आता
- शहरी क्षेत्रों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) अलग से संचालित है
⚠️Important Instructions
- शौचालय निर्माण के बाद ही प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से दी जाती है
- शौचालय का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुसार होना चाहिए (ट्विन पिट तकनीक, उचित दूरी आदि)
- ODF प्लस गांव की घोषणा ग्राम सभा में स्व-घोषणा के बाद की जाती है, जिसका जिला स्तर पर 90 दिनों के भीतर तीसरे पक्ष द्वारा सत्यापन किया जाता है
- ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की संपत्तियों की जियो-टैगिंग मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाती है
- श्रम लागत SBM-G या MGNREGS के माध्यम से वहन की जा सकती है, बशर्ते कुल लागत निर्धारित मानदंडों के भीतर हो
- अतिरिक्त संसाधन 15वें वित्त आयोग अनुदान, CSR और स्थानीय राजस्व से जुटाए जा सकते हैं
🔗Related Schemes
- जल जीवन मिशन (हर घर जल) - ग्रामीण घरों को नल कनेक्शन और स्वच्छ पेयजल
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) - ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) - ग्रामीण आवास योजना
📌Conclusion
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। चरण-I में ODF का लक्ष्य हासिल करने के बाद, चरण-II का उद्देश्य ODF प्लस मॉडल गांवों का निर्माण है, जिसमें ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था के साथ-साथ दृष्टिगत स्वच्छता भी शामिल है। दिसंबर 2025 तक 4.89 लाख से अधिक गांवों को ODF प्लस मॉडल घोषित किया जा चुका है । यदि आपके गांव में अभी तक SLWM की सुविधाएं नहीं हैं, तो अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएं।
📎Additional Information
ODF प्लस गांवों की तीन श्रेणियां
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के तहत ODF प्लस गांवों को तीन प्रगतिशील श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है :
- ODF प्लस एस्पायरिंग: वह गांव जो अपनी ODF स्थिति बनाए रखता है और ठोस कचरा प्रबंधन या तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था रखता है
- ODF प्लस राइजिंग: वह गांव जो अपनी ODF स्थिति बनाए रखता है और ठोस और तरल दोनों कचरा प्रबंधन की व्यवस्था रखता है
- ODF प्लस मॉडल: वह गांव जो ODF स्थिति बनाए रखता है, ठोस और तरल दोनों कचरा प्रबंधन की व्यवस्था रखता है, दृष्टिगत स्वच्छता बनाए रखता है (न्यूनतम कचरा, न्यूनतम रुका हुआ अपशिष्ट जल, सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक कचरे का ढेर नहीं) और ODF प्लस IEC संदेश प्रदर्शित करता है
2025 की प्रमुख उपलब्धियां
- 5.27 लाख से अधिक गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
- 5.41 लाख से अधिक गांवों में तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
- 5,300 से अधिक ब्लॉकों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
- Gobar-dhan के तहत 970 से अधिक सामुदायिक बायोगैस संयंत्र कार्यात्मक
- 24.80 लाख महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण
🚀 Ready to Apply?
Use the official links below to apply for this scheme, check your status, or contact support.
🔗🇮🇳 More Schemes from India
Explore other government schemes you might find useful






