
National Food Security Act
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) ग्रामीण आबादी के 75% और शहरी आबादी के 50% तक को अत्यधिक रियायती दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) भारत सरकार का एक ऐतिहासिक कानून है, जिसे 5 जुलाई 2013 से लागू किया गया। यह अधिनियम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक, 2013 के रूप में संसद द्वारा पारित किया गया और 10 सितंबर 2013 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
इस अधिनियम का मूल उद्देश्य देश के नागरिकों को जीवन चक्र दृष्टिकोण के माध्यम से खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे गरिमा के साथ जीवन यापन कर सकें। यह अधिनियम खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण को कल्याणकारी से अधिकार-आधारित में परिवर्तित करता है। अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) अब NFSA के प्रावधानों द्वारा शासित होती है।
✅Eligibility Criteria
NFSA के तहत पात्रता और कवरेज निम्नलिखित है:
- ग्रामीण कवरेज: ग्रामीण आबादी का 75% तक
- शहरी कवरेज: शहरी आबादी का 50% तक
- कुल कवरेज: लगभग 81.35 करोड़ व्यक्ति (देश की लगभग दो-तिहाई आबादी)
- पात्र श्रेणियां: अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार और प्राथमिकता घरेलू (PHH)
महत्वपूर्ण: पात्र परिवारों की पहचान की जिम्मेदारी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। राज्य सरकारें अपने स्वयं के मानदंड तैयार करती हैं। अधिनियम के तहत पात्रता गरीबी अनुमानों से जुड़ी नहीं है।
💰Benefits
NFSA के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
खाद्यान्न का अधिकार
- प्राथमिकता घरेलू (PHH): प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY): प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न
- कीमतें: चावल ₹3/किलो, गेहूं ₹2/किलो, मोटा अनाज ₹1/किलो
महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
- गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं: मुफ्त भोजन और ₹6,000 का मातृत्व लाभ
- 6 माह से 6 वर्ष के बच्चे: आंगनवाड़ी के माध्यम से पौष्टिक भोजन
- 6 से 14 वर्ष के बच्चे: स्कूल में मध्याह्न भोजन
- कुपोषित बच्चे (6 वर्ष तक): उच्च पोषण मानकों के अनुसार भोजन
खाद्य सुरक्षा भत्ता
यदि खाद्यान्न या भोजन की आपूर्ति नहीं होती है, तो पात्र व्यक्ति राज्य सरकार से खाद्य सुरक्षा भत्ता प्राप्त करने का हकदार है।
📋Documents Required
NFSA के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- राशन कार्ड (AAY या PHH श्रेणी)
- आधार कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों का)
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र (राज्य के मानदंडों के अनुसार)
- परिवार के मुखिया का फोटो पहचान पत्र
महत्वपूर्ण: राशन कार्ड जारी करने के उद्देश्य से परिवार का मुखिया 18 वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला होगी। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
📝How to Apply
NFSA के तहत आवेदन प्रक्रिया राज्य-वार भिन्न होती है क्योंकि पात्र परिवारों की पहचान राज्य सरकारों द्वारा की जाती है। सामान्य प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- राज्य सरकार के दिशानिर्देशों की जांच करें: अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जाएं
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें: संबंधित कार्यालय (जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय, तहसील कार्यालय, या ऑनलाइन पोर्टल) से
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें: आधार कार्ड, निवास प्रमाण, आय प्रमाण आदि
- आवेदन जमा करें: संबंधित कार्यालय में
- सत्यापन: राज्य सरकार द्वारा पात्रता की जांच और सत्यापन
- राशन कार्ड जारी: पात्र पाए जाने पर राशन कार्ड जारी किया जाएगा
यदि आपके पास पहले से BPL/AAY राशन कार्ड है, तो आप स्वतः ही NFSA के दायरे में आ सकते हैं, लेकिन राज्य सरकार के सत्यापन के अधीन।
🔍Check Application Status
राशन कार्ड की स्थिति जानने के लिए:
- अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जाएं
- राज्य के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन संख्या दर्ज करके स्थिति देखें
- संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल (nfsa.gov.in) पर भी जानकारी उपलब्ध है
💳Payment / Installment Status
NFSA के तहत खाद्यान्न वितरण की जानकारी:
- उचित मूल्य दुकान (Fair Price Shop) पर जाकर अपना मासिक खाद्यान्न प्राप्त करें
- प्रत्येक लेनदेन के बाद SMS सूचना प्राप्त होती है
- राज्य के PDS पोर्टल पर अपने राशन कार्ड की लेनदेन जानकारी देखें
- शिकायत के लिए राज्य के टोल-फ्री नंबर या ऑनलाइन ग्रीवांस पोर्टल का उपयोग करें
📅Important Dates
- अधिनियम पारित: 10 सितंबर 2013
- लागू होने की तिथि: 5 जुलाई 2013
- मुफ्त खाद्यान्न वितरण: 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2028 तक (पांच वर्ष के लिए विस्तारित)
❌Who Is Not Eligible
राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित बहिष्करण मानदंडों के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियां NFSA से बाहर रखी जा सकती हैं (राज्य-वार भिन्न):
ग्रामीण बहिष्करण मानदंड (उदाहरण)
- तीन या अधिक पक्के कमरों वाले घर
- सरकारी नौकरी में परिवार का सदस्य
- आयकर या व्यावसायिक कर दाता
- मोटर वाहन (दोपहिया/चारपिया), मछली पकड़ने की नाव, कृषि उपकरण
- रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन
- 2.5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि
शहरी बहिष्करण मानदंड (उदाहरण)
- चार या अधिक कमरों वाले पक्के घर
- चारपहिया मोटर वाहन, एयर कंडीशनर, इंटरनेट युक्त कंप्यूटर/लैपटॉप
- रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन, वॉशिंग मशीन, दोपहिया वाहन (तीन या अधिक होने पर)
⚠️Important Instructions
- राशन कार्ड जारी करने के लिए परिवार का मुखिया 18 वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला होगी
- खाद्यान्न की कीमतें अत्यधिक रियायती हैं और 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2028 तक मुफ्त वितरण किया जा रहा है
- राज्य सरकारें अपने स्वयं के मानदंडों के आधार पर पात्र परिवारों की पहचान करती हैं
- खाद्यान्न न मिलने पर खाद्य सुरक्षा भत्ता प्राप्त करने का अधिकार है
- शिकायत निवारण के लिए जिला शिकायत निवारण अधिकारी (DGRO) और राज्य खाद्य आयोग (SFC) हैं
- विकलांग व्यक्तियों को NFSA के तहत कवर किया जाना चाहिए, यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं
🔗Related Schemes
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) - मुफ्त खाद्यान्न योजना
- वन नेशन वन रेशन कार्ड (ONORC) - राष्ट्रव्यापी राशन पोर्टेबिलिटी
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY) - सबसे गरीब परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा
📌Conclusion
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 भारत में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कानून है, जिसने लगभग 81 करोड़ लोगों को अत्यधिक रियायती दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया है। यह अधिनियम न केवल खाद्यान्न उपलब्ध कराता है, बल्कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए विशेष पोषण संबंधी प्रावधान भी करता है। महिला सशक्तिकरण के लिए परिवार की सबसे बड़ी महिला को राशन कार्ड का मुखिया बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आप पात्र हैं और आपके पास राशन कार्ड नहीं है, तो अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संपर्क करें।
📎Additional Information
NFSA के तहत कवरेज
अधिनियम के तहत कुल 81.35 करोड़ व्यक्तियों को कवर किया गया है, जो देश की लगभग दो-तिहाई आबादी है। वर्तमान में लगभग 80 करोड़ व्यक्ति NFSA के तहत कवर हैं।
मुफ्त खाद्यान्न वितरण
केंद्र सरकार के 30 दिसंबर 2022 की अधिसूचना के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से NFSA के तहत खाद्यान्न मुफ्त वितरित किया जा रहा है। 4 दिसंबर 2023 की अधिसूचना के अनुसार, यह मुफ्त वितरण 1 जनवरी 2024 से अगले पांच वर्षों (31 दिसंबर 2028 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है।
महाराष्ट्र में कार्यान्वयन
महाराष्ट्र में NFSA के तहत राज्य की लगभग 62.3% आबादी (ग्रामीण 76.32% और शहरी 45.34%) पात्र है। राज्य को 700.17 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें 25,05,300 AAY परिवार और 5.92 करोड़ प्राथमिकता परिवार शामिल हैं।
शिकायत निवारण
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने टोल-फ्री नंबर/ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की है। इसके अतिरिक्त, जिला शिकायत निवारण अधिकारी (DGRO), विभिन्न स्तरों पर सतर्कता समितियां और राज्य खाद्य आयोग (SFC) भी गठित किए गए हैं।
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