
PM Kisan Urja Suraksha Evam Utthaan Mahabhiyan
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) किसानों की ऊर्जा सुरक्षा और आय बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली एक केंद्रीय योजना है। इसके तहत किसान अपनी भूमि पर सौर संयंत्र लगा सकते हैं, सोलर पंप प्राप्त कर सकते हैं और मौजूदा कृषि पंपों को सोलराइज कर सकते हैं।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की एक प्रमुख योजना है, जिसे 8 मार्च 2019 को लॉन्च किया गया था । इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, किसानों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
योजना का लक्ष्य 2022 तक 25,750 मेगावाट सौर क्षमता जोड़ना था, जिसे बाद में बढ़ाया गया। यह योजना किसानों को न केवल ऊर्जा उपभोक्ता बल्कि ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर प्रदान करती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है ।
✅Eligibility Criteria
PM-KUSUM योजना के विभिन्न घटकों के लिए पात्रता अलग-अलग है:
घटक-A (भूमि पर सौर संयंत्र):
- व्यक्तिगत किसान, किसानों का समूह, सहकारी समितियाँ, पंचायतें, किसान उत्पादक संगठन (FPO), जल उपयोगकर्ता संघ (WUA)
- प्रस्तावित परियोजना की भूमि निकटतम विद्युत उप-स्टेशन से 5 किमी की परिधि में होनी चाहिए
- संयंत्र की क्षमता 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक होनी चाहिए
घटक-B (स्टैंडअलोन सोलर पंप):
- व्यक्तिगत किसान, जल उपयोगकर्ता संघ, सामुदायिक/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली
- पंप की क्षमता 7.5 HP तक (उच्च क्षमता वाले पंपों की अनुमति है, लेकिन सब्सिडी 7.5 HP तक ही सीमित)
घटक-C (ग्रिड-कनेक्टेड पंप का सोलरीकरण):
- व्यक्तिगत किसान, जल उपयोगकर्ता संघ, सामुदायिक/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली
- पंप की क्षमता 7.5 HP तक
💰Benefits
PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- दिन में सिंचाई के लिए बिजली: सौर पंप से दिन के समय सिंचाई की सुविधा
- अतिरिक्त आय: घटक-A के तहत उत्पादित बिजली DISCOM को बेचकर आय; घटक-C के तहत अतिरिक्त सौर ऊर्जा ग्रिड को बेचकर आय
- भूमि लीज से आय: घटक-A के तहत किसान अपनी भूमि डेवलपर को लीज पर देकर लीज रेंट कमा सकते हैं
- डीजल/बिजली पर निर्भरता में कमी: सोलर पंप से डीजल और बिजली की लागत में बचत
- सब्सिडी: घटक-B और C के तहत 30% (सामान्य राज्यों) या 50% (पूर्वोत्तर/पहाड़ी/द्वीपीय क्षेत्रों) केंद्रीय वित्तीय सहायता
📋Documents Required
PM-KUSUM योजना के लिए आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज/भूमि रिकॉर्ड
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- पंप क्षमता का विवरण (घटक-B और C के लिए)
📝How to Apply
PM-KUSUM योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया घटक के अनुसार भिन्न है:
घटक-A:
- DISCOM द्वारा उप-स्टेशन-वार अधिशेष क्षमता अधिसूचित की जाती है और इच्छुक किसानों/डेवलपर्स से अभिव्यक्ति की रुचि (EOI) आमंत्रित की जाती है
- किसान स्वयं संयंत्र लगा सकते हैं या भूमि लीज पर दे सकते हैं
- DISCOM द्वारा Letter of Award (LoA) जारी किया जाता है
- पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए जाते हैं
घटक-B और C:
- राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (SIA) के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें
- आधार प्रमाणीकरण और दस्तावेज सत्यापन
- पात्र विक्रेता का चयन करें
- अनुमोदन के बाद विक्रेता द्वारा पंप स्थापित किया जाएगा
अधिक जानकारी के लिए pmkusum.mnre.gov.in पर जाएं।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति जानने के लिए:
- संबंधित राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (SIA) के पोर्टल पर जाएं
- अपने आवेदन संख्या/पंजीकरण संख्या से लॉग इन करें
- अपने नजदीकी DISCOM कार्यालय या कृषि विभाग से संपर्क करें
💳Payment / Installment Status
भुगतान/सब्सिडी की जांच के लिए:
- अपने बैंक खाते में सब्सिडी राशि की जांच करें (DBT के माध्यम से)
- राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से संपर्क करें
- घटक-A के तहत बिजली बिक्री से होने वाली आय के लिए DISCOM से भुगतान विवरण प्राप्त करें
📅Important Dates
- लॉन्च तिथि: 8 मार्च 2019
- घटक-A के तहत परियोजना पूर्णता: Letter of Award (LoA) जारी होने के 12 महीने के भीतर
- PPA अवधि: 25 वर्ष (Commercial Operation Date से)
❌Who Is Not Eligible
PM-KUSUM योजना के लिए निम्नलिखित श्रेणियां पात्र नहीं हैं:
- वे किसान जिनकी भूमि विद्युत उप-स्टेशन से 5 किमी से अधिक दूर है (घटक-A के लिए)
- 7.5 HP से अधिक क्षमता वाले पंपों के लिए सब्सिडी सीमित है (घटक-B और C के लिए)
- गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि का उपयोग
⚠️Important Instructions
- घटक-A के तहत किसान अपनी बंजर, अनुपजाऊ या कृषि योग्य भूमि पर सौर संयंत्र लगा सकते हैं। कृषि भूमि पर संयंत्र स्टिल्ट माउंटेड (ऊंचे ढांचे पर) होना चाहिए ताकि खेती प्रभावित न हो
- घटक-A के तहत उत्पादित बिजली DISCOM द्वारा पूर्व-निर्धारित टैरिफ पर खरीदी जाती है
- घटक-C के तहत अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड को बेचा जा सकता है
- सोलर पंपों के संचालन और रखरखाव में डीजल पंपों की तुलना में आसानी होती है
- विश्वसनीय सिंचाई के कारण किसान अतिरिक्त फसलें उगा सकते हैं, जिससे अतिरिक्त आय होती है
🔗Related Schemes
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) - किसानों को आय सहायता
- प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) - किसानों के लिए पेंशन योजना
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना - फसल बीमा योजना
📌Conclusion
PM-KUSUM योजना किसानों के लिए एक बहुआयामी अवसर है जो उन्हें ऊर्जा सुरक्षा, सिंचाई सुविधा और अतिरिक्त आय के स्रोत प्रदान करती है। यह योजना न केवल किसानों की डीजल और बिजली पर निर्भरता कम करती है, बल्कि उन्हें ऊर्जा उत्पादक बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाती है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह योजना भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आप एक किसान हैं और इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपने राज्य की कार्यान्वयन एजेंसी या नजदीकी DISCOM कार्यालय से संपर्क करें।
📎Additional Information
PM-KUSUM के तीन घटकों का विस्तृत विवरण
घटक-A: विकेंद्रीकृत भूमि-आधारित सौर संयंत्र
इस घटक के तहत 10,000 मेगावाट क्षमता के विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। किसान 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के संयंत्र अपनी भूमि पर लगा सकते हैं। उत्पादित बिजली DISCOM द्वारा पूर्व-निर्धारित टैरिफ पर 25 वर्ष के लिए खरीदी जाती है ।
घटक-B: स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप
इस घटक के तहत ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में डीजल पंपों को सोलर पंपों से बदलने का लक्ष्य है। पंप की क्षमता 7.5 HP तक होती है। केंद्र सरकार 30% (सामान्य राज्यों) या 50% (पूर्वोत्तर/पहाड़ी/द्वीपीय) वित्तीय सहायता प्रदान करती है ।
घटक-C: ग्रिड-कनेक्टेड पंप का सोलरीकरण
इस घटक के तहत मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों को सोलराइज किया जाता है। इसमें व्यक्तिगत पंप सोलरीकरण (IPS) और फीडर लेवल सोलरीकरण (FLS) दोनों शामिल हैं। किसान उत्पादित सौर ऊर्जा का उपयोग सिंचाई के लिए कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली DISCOM को बेच सकते हैं ।
प्रमुख उपलब्धियां
PM-KUSUM योजना के तहत विभिन्न राज्यों में प्रगति हुई है। उदाहरण के लिए, गुजरात में घटक-B के तहत 30 जून 2025 तक 11,813 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं । महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों ने घटक-A में अच्छी प्रगति दिखाई है ।
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