
Prime Minister's Employment Generation Programme
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक ऋण-लिंक्ड सब्सिडी योजना है जो नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए बैंक ऋण पर 15% से 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करती है।
📋 Quick Facts
📄About This Scheme
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की एक प्रमुख ऋण-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2008 को लाल किले से अपने संबोधन में की थी । यह योजना पूर्ववर्ती REGP और PMRY योजनाओं को मिलाकर बनाई गई है, और खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी है ।
योजना का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्वरोजगार उद्यमों की स्थापना के माध्यम से निरंतर और सतत रोजगार के अवसर पैदा करना है। यह योजना पारंपरिक और संभावित कारीगरों, ग्रामीण और शहरी बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान करती है ।
✅Eligibility Criteria
PMEGP योजना के लिए पात्रता शर्तें निम्नलिखित हैं:
- आयु: 18 वर्ष या अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति
- शिक्षा: ₹10 लाख से अधिक की विनिर्माण परियोजना और ₹5 लाख से अधिक की सेवा परियोजना के लिए कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इससे कम लागत वाली परियोजनाओं के लिए कोई शिक्षा सीमा नहीं है ।
- पात्र संस्थाएं: व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHG), धर्मार्थ ट्रस्ट, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएं, और उत्पादन सहकारी समितियां
- नई इकाई: सहायता केवल नई इकाइयों की स्थापना के लिए उपलब्ध है। मौजूदा इकाइयां या जिन्होंने पहले से किसी केंद्रीय/राज्य सरकार की योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त की है, वे पात्र नहीं हैं
- परिवार सीमा: एक परिवार से केवल एक व्यक्ति ही योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र है
- चूक: आवेदक किसी भी बैंक/वित्तीय संस्थान का चूककर्ता नहीं होना चाहिए
💰Benefits
PMEGP योजना के तहत मुख्य लाभ मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में प्रदान किए जाते हैं:
सब्सिडी दरें
| श्रेणी | ग्रामीण क्षेत्र | शहरी क्षेत्र | स्वयं का अंशदान |
|---|---|---|---|
| सामान्य श्रेणी | 25% | 15% | 10% |
| विशेष श्रेणी* | 35% | 25% | 5% |
*विशेष श्रेणी में शामिल हैं: SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, पूर्वोत्तर क्षेत्र, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्र, आकांक्षी जिले
अधिकतम परियोजना लागत
- विनिर्माण क्षेत्र: ₹50 लाख
- सेवा/व्यापार क्षेत्र: ₹20 लाख
- द्वितीय ऋण (उन्नयन के लिए): विनिर्माण ₹1 करोड़, सेवा ₹25 लाख
अन्य लाभ
- ₹10 लाख तक के ऋण के लिए संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं
- CGTMSE कवरेज उपलब्ध
- चुकौती अवधि 3 से 7 वर्ष, 6 माह की प्रारंभिक मोहलत के साथ
📋Documents Required
PMEGP आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक के लिए)
- शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र (8वीं कक्षा या अधिक)
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) – मशीनरी, कच्चा माल, बाजार, लागत अनुमान सहित
- बैंक खाता विवरण
- EDP प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि पूर्ण हो)
- SHG/ट्रस्ट/सोसाइटी के लिए पंजीकरण प्रमाण पत्र
📝How to Apply
PMEGP के लिए आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है:
ऑनलाइन आवेदन
- PMEGP ई-पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं
- "Online Application Form for Individual" (या SHG/संस्था के अनुसार) पर क्लिक करें
- मोबाइल और ईमेल से पंजीकरण करें – OTP सत्यापन
- व्यक्तिगत विवरण, परियोजना विवरण (व्यवसाय का प्रकार, स्थान, परियोजना लागत, प्रस्तावित रोजगार) भरें
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन जमा करें – आवेदन ID प्राप्त होगी
- आवेदन जिला कार्य बल समिति (DTFC) को भेजा जाएगा
- चयनित उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा
- अनुशंसा के बाद आवेदन बैंक को भेजा जाएगा
- बैंक ऋण स्वीकृत करेगा और EDP प्रशिक्षण (10 दिन) पूरा करना अनिवार्य है
- ऋण वितरण के बाद KVIC द्वारा मार्जिन मनी बैंक को जारी की जाएगी
ऑफलाइन आवेदन
KVIC/KVIB/DIC कार्यालयों से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें, भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें ।
🔍Check Application Status
आवेदन की स्थिति जानने के लिए:
- PMEGP ई-पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर लॉग इन करें
- आवेदन ID से स्थिति देखें
- संबंधित KVIC/KVIB/DIC कार्यालय से संपर्क करें
- ई-ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है
💳Payment / Installment Status
सब्सिडी/मार्जिन मनी की जानकारी के लिए:
- मार्जिन मनी सब्सिडी बैंक में टर्म डिपॉजिट (TDR) के रूप में 3 वर्ष के लिए जमा की जाती है
- 3 वर्ष की सफल संचालन के बाद यह राशि ऋण मूलधन में समायोजित हो जाती है
- बैंक शाखा से मार्जिन मनी की स्थिति जान सकते हैं
- PMEGP पोर्टल पर भी स्थिति देखी जा सकती है
📅Important Dates
- लॉन्च तिथि: 15 अगस्त 2008
- योजना अवधि: 2021-22 से 2025-26 (पांच वर्ष)
- बजट आवंटन 2026-27: ₹4,500 करोड़
- नोट: सितंबर 2026 तक PMEGP पोर्टल पर नए ऑनलाइन आवेदन अस्थायी रूप से बंद हैं, क्योंकि योजना की निरंतरता के लिए संशोधित दिशानिर्देशों की मंजूरी प्रतीक्षित है
❌Who Is Not Eligible
PMEGP योजना के लिए निम्नलिखित श्रेणियां पात्र नहीं हैं:
- मौजूदा इकाइयां (पहले से कार्यरत व्यवसाय)
- जिन इकाइयों ने पहले किसी भी केंद्रीय/राज्य सरकार की योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त की है (PMRY, REGP, PMEGP, MUDRA, Stand-Up India आदि)
- नकारात्मक सूची में शामिल गतिविधियां: मांस/मादक पदार्थों का उत्पादन/प्रसंस्करण/बिक्री, बीड़ी/पान/सिगार/सिगरेट, कृषि/रेशम उत्पादन/बागवानी/फूलों की खेती, 20 माइक्रोन से कम के पॉलिथीन कैरी बैग, ग्रामीण परिवहन (कुछ अपवादों के साथ), पश्मीना ऊन प्रसंस्करण
⚠️Important Instructions
- EDP (उद्यमिता विकास कार्यक्रम) प्रशिक्षण 10 दिन का अनिवार्य है, जो ऋण स्वीकृति के बाद बैंक द्वारा जारी करने से पहले पूरा करना होगा
- यदि आवेदक ने पहले से 2 सप्ताह का EDP/SDP/ESDP/व्यावसायिक प्रशिक्षण किया है, तो दोबारा EDP की आवश्यकता नहीं है
- मार्जिन मनी सब्सिडी 3 वर्ष के लिए टर्म डिपॉजिट (TDR) के रूप में बैंक में जमा रहती है और इकाई के सफल संचालन के बाद ऋण मूलधन में समायोजित होती है
- परियोजना लागत में भूमि की लागत शामिल नहीं है; भवन निर्माण की लागत मशीनरी/उपकरण लागत के 100% से अधिक नहीं होनी चाहिए
- ग्रामीण क्षेत्रों में परियोजना स्थापित करने पर अधिक सब्सिडी मिलती है – ग्रामीण क्षेत्र की परिभाषा KVIC अधिनियम 2006 के अनुसार है
- प्रति व्यक्ति निवेश मैदानी क्षेत्रों में ₹1 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए
🔗Related Schemes
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) - छोटे व्यवसायों के लिए ऋण
- स्टैंड-अप इंडिया योजना - SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए ऋण
- स्टार्टअप इंडिया - स्टार्टअप के लिए सरकारी पहल
📌Conclusion
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश के बेरोजगार युवाओं और संभावित उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह योजना बैंक ऋण के साथ सरकारी सब्सिडी को जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को आसान बनाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में 25% से 35% तक की उदार सब्सिडी और ₹10 लाख तक संपार्श्विक-मुक्त ऋण की सुविधा इसे विशेष रूप से पहली बार उद्यमी बनने वालों के लिए आकर्षक बनाती है। यदि आप एक नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो PMEGP पोर्टल पर नज़र रखें क्योंकि नए आवेदन शीघ्र ही फिर से शुरू होने की संभावना है।
📎Additional Information
PMEGP की प्रमुख उपलब्धियां
- कुल स्थापित इकाइयां: 9.69 लाख से अधिक नई परियोजनाएं (योजना की शुरुआत से)
- सृजित रोजगार: 84.64 लाख से अधिक उद्यमियों के लिए रोजगार
- वितरित सब्सिडी: ₹25,563.44 करोड़ (₹69,021.29 करोड़ के ऋण के विरुद्ध)
- 2023-24 में: 9.80 लाख से अधिक उद्यमियों के लिए रोजगार सृजन, ₹3,093 करोड़ से अधिक सब्सिडी वितरित
द्वितीय ऋण (2nd Loan) सुविधा
PMEGP/REGP/MUDRA इकाइयों के उन्नयन के लिए द्वितीय ऋण की सुविधा उपलब्ध है, बशर्ते इकाई ने पहला ऋण पूरी तरह चुका दिया हो और पिछले 3 वर्षों से लाभप्रद हो। विनिर्माण के लिए अधिकतम ₹1 करोड़ और सेवा क्षेत्र के लिए ₹25 लाख तक का ऋण मिल सकता है, जिस पर 15% (NER/पहाड़ी क्षेत्रों में 20%) सब्सिडी उपलब्ध है ।
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